वर्दी के रौब में की थी बेरहमी से पिटाई; एसएसपी के त्वरित एक्शन से थर्राए अनुशासनहीन पुलिसकर्मी..

धरमजयगढ़ के ‘बिहारी ढाबा’ में मारपीट का मामला; शिकायत मिलते ही SSP शशि मोहन सिंह ने की त्वरित कार्रवाई, SDOP को सौंपी विस्तृत जांच
रायगढ़। आम जनता पर खाकी का रौब झाड़ने और दबंगई दिखाने वाले पुलिसकर्मियों को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह ने सख्त संदेश दिया है। धरमजयगढ़ स्थित ‘बिहारी ढाबा’ के संचालक के साथ गाली-गलौज और मारपीट करने के मामले में त्वरित संज्ञान लेते हुए एसएसपी ने प्रधान आरक्षक प्रकाश गिरी गोस्वामी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, जबकि उनके साथ मौजूद आरक्षक विजय राठिया को रक्षित केंद्र (पुलिस लाइन) अटैच कर दिया गया है।
आधी रात ढाबे पर हुआ था विवाद – मिली जानकारी के अनुसार, घटना 23 सितंबर 2026 की देर रात की है। थाना धरमजयगढ़ अंतर्गत संचालित ‘बिहारी ढाबा’ के संचालक मोंटू गुप्ता के ढाबे पर प्रधान आरक्षक प्रकाश गिरी गोस्वामी और अन्य स्टाफ पहुंचे थे। आरोप है कि वहां किसी बात को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद पुलिसकर्मियों ने वर्दी का रौब दिखाते हुए ढाबा संचालक के साथ अशोभनीय व्यवहार किया और मारपीट पर उतर आए।
पीड़ित सीधे पहुंचा SSP के पास, तत्काल तलब हुए आरोपी – घटना से आहत ढाबा संचालक मोंटू गुप्ता ने 24 सितंबर को सीधे जिला पुलिस मुख्यालय पहुंचकर एसएसपी शशि मोहन सिंह से न्याय की गुहार लगाई और लिखित शिकायत सौंपी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने बिना किसी देरी के पीड़ित का पक्ष सुना और संबंधित पुलिसकर्मियों को तलब कर प्रारंभिक पूछताछ की।
प्रथम दृष्टया कर्तव्य में लापरवाही, घोर अनुशासनहीनता और दुर्व्यवहार की पुष्टि होते ही एसएसपी ने तत्काल प्रभाव से निलंबन और लाइन अटैच का आदेश जारी कर दिया।
SDOP करेंगे प्राथमिक जांच, और बढ़ सकती हैं मुश्किलें – मामले की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए एसएसपी ने धरमजयगढ़ एसडीओपी सिद्धांत तिवारी को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। एसडीओपी को मौके के साक्ष्यों और बयानों के आधार पर प्राथमिक जांच कर जल्द विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। प्राथमिक जांच में अन्य तथ्य उजागर होने पर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ आगे और भी सख्त विभागीय कार्रवाई की गाज गिरना तय माना जा रहा है।




