
तत्कालीन पटवारी के बाद अब फर्जी रजिस्ट्री का गवाह अगस्तुस खलखो कापू पुलिस की गिरफ्त में • धरमजयगढ़ एसडीएम और कापू तहसीलदार की जांच के बाद उजागर हुआ था पूरा भू-माफिया का नेटवर्क • फर्जी पट्टा और कूटरचित दस्तावेजों के जरिए बेची जा रही थी सरकारी जमीन, अन्य आरोपियों की तलाश जारी
रायगढ़/कापू: जिले में भू-माफियाओं और फरार अपराधियों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत कापू पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। ग्राम पंचायत रायमेर स्थित करोड़ों रुपये मूल्य की शासकीय भूमि के फर्जी अंतरण और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर रजिस्ट्री कराने के मामले में पुलिस ने एक और मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
गौरतलब है कि इससे पहले कापू पुलिस ने मामले के मुख्य सूत्रधार तत्कालीन पटवारी राकेश साय को गिरफ्तार किया था। अब फर्जी रजिस्ट्री में अनुप्रमाणक साक्षी (गवाह) की भूमिका निभाने वाले आरोपी अगस्तुस खलखो (43 वर्ष), निवासी पोराडाही, थाना धरमजयगढ़ को धर दबोचा गया है।
सरकारी भूमि पर फर्जी पट्टा और रजिस्ट्री का बड़ा खेल
मामले का खुलासा 11 अगस्त 2026 को हुआ, जब तहसीलदार कापू श्री उन्मेश पटेल ने थाना कापू में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। जांच प्रतिवेदन के अनुसार, ग्राम पंचायत रायमेर की शासकीय भूमि के खसरा नंबर 479/2, 467/36, 467/25, 467/23, 310/10/ख, 310/10/2 सहित अन्य भू-खंडों में बड़े पैमाने पर हेरफेर किया गया था।
तत्कालीन पटवारी राकेश साय ने पद का दुरुपयोग करते हुए शासकीय रिकॉर्ड में कूटरचना की और फर्जी बंटाकन कर सरकारी जमीन को बाहरी व्यक्तियों के नाम पर दर्ज कर दिया। इसके बाद दलालों और बिचौलियों के गिरोह ने फर्जी पट्टे तैयार कराकर जमीनों की अवैध रजिस्ट्री अन्य लोगों के नाम कर दी।
एसडीएम के निर्देश पर FIR, 5 लोगों पर कस चुका है शिकंजा
एसडीएम धरमजयगढ़ के निर्देश पर कापू थाने में अपराध क्रमांक 131/2026, धारा 420 (धोखाधड़ी), 467 (कूटरचना), 468, 471 और 120(बी) (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत मामला दर्ज किया गया। इसमें तत्कालीन पटवारी राकेश साय, कैलाश कुमार जेठवानी उर्फ सोनी, विक्रेता उजितराम, साक्षी अगस्तुस खलखो और लालबहादुर यादव को नामजद आरोपी बनाया गया।
पटवारी के बाद अब गवाह भी सलाखों के पीछे
थाना प्रभारी कापू निरीक्षक धर्माराम तिर्की की अगुवाई में पुलिस लगातार फरार आरोपियों पर पैनी नजर रखे हुए थी।
- 02 सितंबर 2026: कापू पुलिस ने मुख्य आरोपी तत्कालीन पटवारी राकेश साय को ग्राम गनपतपुर से गिरफ्तार किया था, जिसके कब्जे से कूटरचना में इस्तेमाल लैपटॉप और प्रिंटर जब्त किए गए थे।
- 24 सितंबर 2026: पुलिस ने दूसरे फरार आरोपी अगस्तुस खलखो को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की।
पूछताछ में खुला राज, मोबाइल भी जब्त
पूछताछ के दौरान आरोपी अगस्तुस खलखो ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि वह मुख्य दलाल कैलाश जेठवानी उर्फ सोनी के झांसे और कहने पर इस फर्जीवाड़े में शामिल हुआ था। उसने 20 अक्टूबर 2022 को उप-पंजीयक कार्यालय धरमजयगढ़ में उपस्थित होकर सरकारी जमीन की फर्जी रजिस्ट्री में गवाह के रूप में अपने दस्तावेज प्रस्तुत किए और हस्ताक्षर किए थे।
पुलिस ने आरोपी के मेमोरेंडम कथन के आधार पर अपराध में प्रयुक्त मोबाइल फोन जब्त कर लिया है और पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है।
“शासकीय संपत्ति में कूटरचना और हेरफेर करने वाले भू-माफियाओं को बख्शा नहीं जाएगा। ‘ऑपरेशन क्लीन हंट’ के तहत इस गिरोह में शामिल अन्य फरार आरोपियों की सरगर्मी से तलाश की जा रही है, जल्द ही वे भी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।” — रायगढ़ पुलिस प्रशासन




