रायगढ़

जशपुर और सरगुजा के शातिर रायगढ़ में कर रहे थे बैंक डकैती की साजिश : टीआई कुमार गौरव साहू की सटीक चार्जशीट से 4 माह में 5 को जेल…

रायगढ़। अंतरजिला संगठित गिरोह बनाकर रायगढ़ जिले को दहलाने की फिराक में लगे पांच शातिर अपराधियों के मंसूबे घरघोड़ा पुलिस के फौलादी शिकंजे के आगे पस्त हो गए। मोबाइल दुकान का शटर तोड़कर लाखों का माल समेटने और फिर लगातार दो बैंकों में डकैती की साजिश रचने वाले इस सिंडिकेट को अदालत ने गुनाह के महज चार माह के भीतर 2-2 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।

​घरघोड़ा थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव साहू के कुशल नेतृत्व और विवेचक प्रधान आरक्षक अरविंद पटनायक की वैज्ञानिक विवेचना के चलते न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी घरघोड़ा श्री दामोदर प्रसाद चंद्रा की अदालत ने सभी पांचों आरोपियों को दोषी करार देकर सीधे सलाखों के पीछे भेज दिया।

जशपुर से लेकर सरगुजा तक फैला था जाल – सजा पाने वाले आरोपी अंतरजिला नेटवर्क के तहत वारदातों को अंजाम दे रहे थे। अदालत द्वारा दोषसिद्ध पाए गए अपराधियों का विवरण:

  • मोह. अरसलान (19 वर्ष) – निवासी सारथी नगर, पत्थलगांव, थाना पत्थलगांव, जिला जशपुर
  • अलतमस खान (19 वर्ष) – निवासी बिलाईटांगर, पत्थलगांव, थाना पत्थलगांव, जिला जशपुर
  • जॉनसन बेक (19 वर्ष) – निवासी ग्राम बोटराकछार, थाना पत्थलगांव, जिला जशपुर
  • कवलेश यादव (19 वर्ष) – निवासी ग्राम बरिमा (मेनपाट), थाना कमलेश्वरपुर, जिला सरगुजा
  • करण महंत (30 वर्ष) – निवासी ग्राम बांसाझार, थाना छाल, जिला रायगढ़

कुडुमकेला में 83 मोबाइल पार, फिर बैंकों के DVR उखाड़कर भागे – वारदात की शुरुआत 17 फरवरी को कुडुमकेला स्थित ‘साव कंप्यूटर एंड मोबाइल’ में हुई, जहां से गिरोह ने 83 मोबाइल, साउंड सिस्टम और नकदी पार कर दी। माल को मुस्कुरा के जंगलों में छिपाने के बाद इस सिंडिकेट के हौसले इतने बुलंद हो गए कि उन्होंने 15 मार्च की रात खम्हार स्थित छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक और 16 मार्च की रात पटेलपाली स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में चोरी की कोशिश की। पुलिस की सतर्कता से आरोपी वॉल्ट तो नहीं काट पाए, लेकिन सबूत मिटाने के इरादे से दोनों बैंकों के सीसीटीवी कैमरे और डीवीआर सिस्टम उखाड़कर ले गए।

26.47 लाख का माल जब्त, BNS की कड़ी धाराओं ने तोड़ी कमर – एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देश और एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्दांत तिवारी के मार्गदर्शन में टीआई कुमार गौरव साहू की टीम ने घेराबंदी कर गिरोह को धर दबोचा। आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल दो लग्जरी कारें (मारुति सियाज और महिंद्रा XUV-500) तथा 60 मोबाइल समेत 26 लाख 47 हजार 100 रुपये की संपत्ति जब्त की गई। संगठित अपराध को भांपते हुए पुलिस ने बीएनएस की कठोर धारा 112(2), 61(2) और 3(5) का शिकंजा कसा।

(प्रधान आरक्षक अरविंद पटनायक)

अकाट्य साक्ष्य और अभियोजन की धारदार दलीलें – प्रधान आरक्षक अरविंद पटनायक ने डिजिटल फुटेज, लोकेशन ट्रैकिंग और बरामदगी की कड़ियों को जोड़ते हुए महज 90 दिनों में 23 मई को न्यायालय में अचूक चार्जशीट दाखिल की। इसके चलते अदालत में आरोपियों की जमानतें लगातार खारिज हुईं। सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी सत्यनारायण प्रकाश महिलाने की ठोस दलीलों ने मुजरिमों के बचने के सारे रास्ते बंद कर दिए, जिसके नतीजे में 8 सितंबर को अदालत ने सभी को 2-2 वर्ष के कठोर कारावास और अर्थदंड की सजा मुकर्रर कर दी।

Ambika Sao

सह-संपादक : छत्तीसगढ़

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