छाल में कानून की अलग परिभाषा : शहर में सख्त पुलिसिया शिकंजा छाल पहुंचते ही क्यों पड़ जाता है ढीला? कोयले के कारोबार के साथ अपराधों का नेटवर्क गर्म…

रायगढ़ जिले का छाल क्षेत्र इन दिनों कोयला खदानों, भारी ट्रकों की आवाजाही और ट्रांसपोर्टरों की व्यस्तता के कारण आर्थिक रूप से बेहद सक्रिय है। लेकिन इस आर्थिक चमक के पीछे कानून-व्यवस्था का ढांचा पूरी तरह चरमरा चुका है। रायगढ़ शहर में जो पुलिस अपराधियों पर सख्त कार्रवाई करती नजर आती है, वही पुलिस छाल की सीमा में पहुंचते ही लाचार और खामोश दिखाई देती है। यहां पुलिस की मौजूदगी तो दिखती है, पर ठोस कार्रवाई पूरी तरह नदारद है।
छाल में सक्रिय अपराध सिंडिकेट की जमीनी हकीकत :
- मवेशी तस्करी और मिलीभगत का अंदेशा: इलाके में मवेशी तस्करी का धंधा बेखौफ जारी है। हाल ही में शिकायत के आधार पर तस्करी में लिप्त एक वाहन को पकड़ा गया, लेकिन बाद में बिना किसी ठोस कानूनी नतीजे के उसे छोड़ दिया गया। इस घटना ने पुलिसिया जांच और पारदर्शिता पर सीधे सवाल खड़े कर दिए हैं।
- कोयला चोरी का समानांतर खेल: खदान क्षेत्र में लंबे समय से अवैध कोयला चोरी का खेल फल-फूल रहा है। इस काली दुनिया में किसकी कितनी हिस्सेदारी है, यह जांच का विषय है, लेकिन पुलिस की ढिलाई ने माफियाओं को खुला मैदान दे रखा है।
- नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी अमित गोयल अब भी फरार: छाल का सबसे चर्चित और गंभीर मामला नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी अमित उर्फ पुष्पेंद्र गोयल का है। वह लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर है। इलाके में चर्चा है कि मामले को दबाने और रफा-दफा करने के लिए भारी रकम खर्च की गई है। हालांकि इन वित्तीय दावों की स्वतंत्र पुष्टि बाकी है, लेकिन एक संगीन आरोपी का लंबे समय तक फरार रहना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवालिया निशान लगाता है।
पुलिस और माफिया के बीच ‘अघोषित समझौता’? – छाल की मौजूदा स्थिति को देखकर ऐसा प्रतीत होता है मानो पुलिस और अपराध तंत्र के बीच कोई अघोषित सहमति बन चुकी है। कोयला माफिया अपना काम कर रहे हैं, भारी ट्रक बेरोकटोक दौड़ रहे हैं, अवैध शराब और मवेशी तस्कर अपने रास्ते खोज लेते हैं और संगीन अपराधों के आरोपी खुले घूमते हैं।
अब सिर्फ दिखावे की गश्त करने का वक्त नहीं है; जिला प्रशासन को यह साबित करना होगा कि छाल भी रायगढ़ जिले का ही हिस्सा है, जहां कानून की पकड़ उतनी ही मजबूत होनी चाहिए जितनी शहर के भीतर है।




