अंबिकापुर

गूगल पर ‘अश्लील वीडियो’ देखने का खौफ दिखाकर 4.5 लाख की महाठगी, सरगुजा पुलिस ने मध्यप्रदेश से 3 शातिर ठगों को दबोचा!….

सरगुजा। साइबर ठग अब लोगों को डराने और लूटने के लिए नित नए और खौफनाक पैंतरे अपना रहे हैं। सरगुजा पुलिस ने साइबर ठगी के एक बेहद चौंकाने वाले मामले का पर्दाफाश किया है। ठगों ने “क्राइम ब्रांच” का फर्जी अधिकारी बनकर एक महिला को ‘अश्लील वीडियो देखने’ के झूठे आरोप में गिरफ्तार करने की धमकी दी और उससे 4.5 लाख रुपये ऐंठ लिए।

​इस मामले में त्वरित एक्शन लेते हुए गांधीनगर थाना पुलिस ने दीगर राज्य मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ में दबिश देकर तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो ‘म्यूल अकाउंट्स’ (ठगी की रकम खपाने वाले बैंक खातों) के जरिए इस काले धंधे को अंजाम दे रहे थे।

वारदात: कैसे बिछाया गया खौफ का जाल?

  • खौफ की शुरुआत : अजिरमा (गांधीनगर) निवासी मंजूलिना किस्पोट्टा 19 मार्च 2026 को जब स्कूल से अपने घर लौटीं, तभी उनके पास एक अज्ञात नंबर (919232064586) से कॉल आया।
  • फर्जी क्राइम ब्रांच की धमकी : कॉलर ने बेहद कड़क आवाज में खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया और कहा- “आप गूगल ब्राउजर पर अश्लील तस्वीरें और वीडियो देखती हैं, जो एक दंडनीय अपराध है। इसके लिए आपको तुरंत गिरफ्तार किया जाएगा।”
  • 4.5 लाख की वसूली : गिरफ्तारी और बदनामी की इस फर्जी धमकी से पीड़िता बुरी तरह घबरा गई। इसी डर का फायदा उठाकर जालसाजों ने उसे डरा-धमका कर अलग-अलग फोन-पे नंबरों और बैंक खातों में कुल 4,50,000 रुपये ट्रांसफर करवा लिए।

सरगुजा पुलिस का ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ – ठगी का अहसास होने पर पीड़िता ने गांधीनगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई। डीआईजी और एसएसपी श्री राजेश अग्रवाल (IPS) के सख्त निर्देशों के बाद पुलिस और साइबर सेल की टीम तुरंत एक्टिव हुई।

  • तकनीकी जांच में हुआ खुलासा : साइबर पोर्टल और ट्रांजैक्शन की जांच में पुलिस ने पाया कि पैसा भारतीय स्टेट बैंक, फिनो पेमेंट बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा के जिन खातों में गया है, वे ‘म्यूल अकाउंट’ (Mule Accounts) हैं। यहां से पैसा तुरंत अन्य खातों में भेजा जा रहा था या एटीएम से निकाला जा रहा था।
  • मध्यप्रदेश में दबिश : बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की पुख्ता लोकेशन मिलते ही सरगुजा पुलिस की एक विशेष टीम मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ के लिए रवाना हुई और सटीक घेराबंदी कर 3 आरोपियों को धर दबोचा। पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।

सलाखों के पीछे पहुंचे ये शातिर ठग:

  • काशिराम अहिरवार (34 वर्ष): ग्राम केनवार, थाना बड़ागांव, जिला टीकमगढ़ (म.प्र.)
  • पन्नालाल यादव (40 वर्ष): ग्राम डुण्डा, थाना बड़ागांव, जिला टीकमगढ़ (म.प्र.)
  • अभिलाषा अहरवार (20 वर्ष): चौपरा मोहल्ला, ग्राम जरूआ, थाना लिधौरा, जिला टीकमगढ़ (म.प्र.)

​सभी आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। गिरोह के अन्य गुर्गों की तलाश अभी जारी है।

इनकी रही अहम भूमिका : इस अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश करने में गांधीनगर थाना प्रभारी/निरीक्षक प्रवीण कुमार द्विवेदी, उपनिरीक्षक दिलीप दुबे, आरक्षक दीनदयाल सिंह, दिनेश यादव, सरस्वती सिंह और साइबर सेल से आरक्षक अमन पूरी व रमेश प्रसाद की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही।

पुलिस की आम जनता से अपील : पुलिस या कोई भी जांच एजेंसी कभी भी फोन पर कॉल कर गिरफ्तारी की धमकी देकर पैसों की मांग नहीं करती। ‘डिजिटल अरेस्ट’ या ऐसी किसी भी धमकी भरी कॉल से घबराएं नहीं, तुरंत 1930 डायल करें या नजदीकी थाने में सूचना दें।

Admin : RM24

Investigative Journalist & RTI Activist

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