रायगढ़

घरघोड़ा का गौरव : NDA में 30वीं रैंक लाने वाले अक्षत किशोर मिश्रा का ऐतिहासिक नागरिक अभिनंदन…

घरघोड़ा। शनिवार को घरघोड़ा की मिट्टी ने अपने एक जांबाज सपूत के सम्मान में पलक-पावड़े बिछा दिए। राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) एवं नौसेना अकादमी परीक्षा 2025 में अखिल भारतीय स्तर पर 30वीं रैंक हासिल करने वाले अक्षत किशोर मिश्रा के स्वागत में पूरा नगर उमड़ पड़ा। अटल परिसर में आयोजित इस भव्य नागरिक अभिनंदन समारोह ने यह साबित कर दिया कि जब प्रतिभा और परिश्रम का संगम होता है, तो सफलता का शोर पूरे देश में सुनाई देता है।

उत्साह का सैलाब और भव्य स्वागत : ​समारोह का आयोजन स्टेट बैंक के सामने स्थित अटल परिसर में किया गया। जैसे ही अक्षत मंच पर पहुंचे, पूरा परिसर “भारत माता की जय” के नारों और तालियों की गूंज से सराबोर हो गया। कार्यक्रम में नगर के जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों, शिक्षाविदों और युवाओं ने बड़ी संख्या में शिरकत की।

“छोटे शहरों में बड़े सपने पलते हैं और अक्षत ने इसे सच कर दिखाया है। उनकी यह सफलता घरघोड़ा के हर उस युवा के लिए मशाल है जो देश सेवा का सपना देखता है।” – समारोह में उपस्थित वक्ता

सम्मान और प्रेरणा की गूंज : ​मंच पर अतिथियों द्वारा अक्षत को शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। उपस्थित वक्ताओं ने अक्षत की अनुशासनप्रियता और मेधा की सराहना करते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्तर की इतनी कठिन परीक्षा में शीर्ष स्थान प्राप्त करना क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।

सफलता का मंत्र : ‘कठिन परिश्रम और अटूट विश्वास’ – सम्मान से अभिभूत अक्षत किशोर मिश्रा ने अपनी सफलता की कहानी साझा करते हुए सभी नगरवासियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपनी उपलब्धि का श्रेय :

  • माता : श्रीमती अर्चना मिश्रा
  • पिता : श्री प्रेमकिशोर मिश्रा
  • गुरुजन : उनके निरंतर मार्गदर्शन और सहयोग को दिया।

अक्षत ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा, “सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। यदि आप लक्ष्य के प्रति ईमानदार हैं और अनुशासन के साथ मेहनत करते हैं, तो दुनिया की कोई भी ताकत आपको मंजिल तक पहुँचने से नहीं रोक सकती।”

एक यादगार समापन : ​समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, लेकिन कार्यक्रम के बाद भी नगरवासियों का उत्साह कम नहीं हुआ। युवाओं में अक्षत के साथ सेल्फी लेने और उनसे मार्गदर्शन लेने की होड़ मची रही। यह आयोजन न केवल एक अभिनंदन था, बल्कि घरघोड़ा के इतिहास में दर्ज होने वाला एक ऐसा गौरवपूर्ण अध्याय था, जो आने वाली पीढ़ियों को सेना में जाकर देश सेवा करने के लिए प्रेरित करता रहेगा।

घरघोड़ा के लिए यह मात्र एक उत्सव नहीं, बल्कि एक नई प्रेरणा का उदय है।

Ambika Sao

सह-संपादक : छत्तीसगढ़

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