रायगढ़ पुलिस का ‘फुल ऑन’ एक्शन : किडनैपिंग और लूटपाट करने वाले 3 बदमाश चंद घंटों में भेजे गये जेल , SSP बोले – “गुंडागर्दी की तो सीधा जेल जाओगे!…”

रायगढ़। पुलिस अब अपराधियों के लिए काल बन चुकी है। जिले में शांति भंग करने वालों को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह ने खुला अल्टीमेटम दे दिया है। इसी कड़ी में, घरघोड़ा पुलिस ने अपहरण, मारपीट और लूटपाट की एक सनसनीखेज वारदात को महज कुछ ही घंटों में सुलझाते हुए तीन आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
मुखबिरी के शक में युवक का अपहरण और बर्बरता : घटना 4 फरवरी की है, जब ग्राम रायकेरा निवासी 19 वर्षीय प्रीतराम चौहान को आरोपियों ने शराब तस्करों का मुखबिर समझकर निशाना बनाया। आरोपी रोहित दास महंत, हलधर राठिया और राजू यादव एक बोलेरो वाहन (CG-13-BD-8475) में सवार होकर आए और प्रीतराम को जबरन उठाकर ले गए।
आरोपियों ने युवक को रायकेरा से कया ले जाकर लकड़ी के डंडों और लात-घूंसों से बेरहमी से पीटा। इतना ही नहीं, बदमाशों ने उसका मोबाइल छीन लिया और उसे रस्सी से बांधकर अधमरी हालत में छोड़ दिया।
हरकत में पुलिस : चंद घंटों में ही शिकंजा – कल 5 फरवरी को जैसे ही पीड़ित ने रिपोर्ट दर्ज कराई, SSP शशि मोहन सिंह के निर्देश पर घरघोड़ा थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव साहू ने तत्काल टीम गठित कर आरोपियों की घेराबंदी की। पुलिस की बिजली जैसी तेजी के सामने आरोपी टिक नहीं पाए और कुछ ही घंटों के भीतर तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
बरामदगी की सूची :
- घटना में प्रयुक्त महिंद्रा बोलेरो निओ वाहन।
- लूटा गया ओप्पो मोबाइल (कीमत ₹10,000)।
- वारदात में इस्तेमाल लकड़ी का डंडा।
बदमाशों पर लगीं कड़ी धाराएं : पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296, 351(2), 115(2), 140(3), 3(5) के तहत केस दर्ज किया था। बाद में लूट की पुष्टि होने पर धारा 309(6) BNS भी जोड़ दी गई। तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
SSP का सख्त संदेश : “कानून से खिलवाड़ की खैर नहीं”
SSP शशि मोहन सिंह ने इस कार्रवाई के बाद अपराधियों को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि रायगढ़ जिले में गुंडागर्दी और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों से पुलिस सख्ती से निपटेगी। ऐसे आरोपियों के लिए जिले में कोई जगह नहीं है, उनका अगला ठिकाना सिर्फ जेल होगा।
कार्यवाही में इनकी रही मुख्य भूमिका : इस त्वरित सफलता में एडिशनल एसपी अनिल कुमार सोनी, एसडीओपी सिद्धांत तिवारी के मार्गदर्शन में निरीक्षक कुमार गौरव साहू, प्रधान आरक्षक अरविंद पटनायक, आरक्षक हरीश पटेल और उद्योराम पटेल का विशेष योगदान रहा।




