ऑपरेशन शंखनाद : जशपुर पुलिस ने फिर नाकाम की तस्करी की साजिश, जंगल के रास्ते ले जा रहे 06 गौ-वंश मुक्त…

जशपुर | वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में जशपुर पुलिस द्वारा गौ-तस्करों के विरुद्ध चलाया जा रहा ‘ऑपरेशन शंखनाद’ लगातार सफलता के झंडे गाड़ रहा है। तीन दिन पहले 20 गौ-वंशों को छुड़ाने के बाद, अब मनोरा चौकी पुलिस ने घेराबंदी कर 06 और गौ-वंशों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया है।
अंधेरे का फायदा उठाकर तस्कर फरार, पुलिस की घेराबंदी जारी : मामला 10 जनवरी की सुबह का है। चौकी मनोरा पुलिस को मुखबिर से सटीक सूचना मिली कि कुछ तस्कर ‘चढ़िया पहाड़ी’ और ‘हाथीगाढ़ा नाला’ के रास्ते पशुओं को क्रूरतापूर्वक पीटते हुए पैदल झारखंड ले जा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर दबिश दी।
पुलिस को आता देख तस्करों में हड़कंप मच गया। घने जंगल और अंधेरे का लाभ उठाकर दो संदिग्ध आरोपी मौके पर ही पशुओं को छोड़कर भाग निकले। हालांकि, पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए सभी 06 नग गौ-वंशों को सकुशल बरामद कर लिया है।
पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मामला दर्ज : बरामद गौ-वंशों का तत्काल स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया है। फरार आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 (धारा 4, 6, 10) और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया है। पुलिस तस्करों की पहचान कर चुकी है और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी का दावा कर रही है।
इनकी रही मुख्य भूमिका : इस सफल कार्यवाही में चौकी प्रभारी मनोरा उप निरीक्षक दिनेश कुमार पुरैना, प्रधान आरक्षक निर्मल बड़ा, प्रीतम टोप्पो और आरक्षक जगजीवन यादव की सराहनीय भूमिका रही।
“गौ-तस्करों के खिलाफ जशपुर पुलिस का ‘ऑपरेशन शंखनाद’ रुकने वाला नहीं है। हम हर उस रास्ते पर नजर रख रहे हैं जहाँ से तस्करी की संभावना है। फरार आरोपियों को जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।”
शशि मोहन सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, जशपुर




