रायगढ़

मौत का ‘हाई-वोल्टेज’ ड्रामा : जंगली सुअर के लिए बिछाया था करंट का जाल, खुद फंसकर तड़प-तड़प कर मरे दो शिकारी…

● लाशों को झाड़ियों में फेंककर भागे साथी; ‘गैर-इरादतन हत्या’ में नाबालिग समेत 5 गिरफ्तार

● रायगढ़ के छोटे रेगड़ा का मामला : शिकार, साजिश और खौफनाक अंत की पूरी कहानी

रायगढ़। जंगल में खामोशी थी, लेकिन इरादे खतरनाक थे। जंगली सुअर के शिकार की हसरत लिए निकले शिकारियों को अंदाजा भी नहीं था कि जिस मौत का जाल वे जानवर के लिए बुन रहे हैं, वह उनका ही काल बन जाएगा। रायगढ़ के चक्रधरनगर थाना क्षेत्र में अवैध शिकार के एक मामले ने खौफनाक मोड़ ले लिया, जब करंट की चपेट में आने से दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हद तो तब हो गई जब साथ आए दोस्तों ने मदद करने के बजाय लाशों को झाड़ियों में छिपा दिया और फरार हो गए।

​पुलिस ने इस अंधे कत्ल और साजिश से पर्दा उठाते हुए एक नाबालिग समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।

शिकारी ही बन गए शिकार : वो काली रात – 9 दिसंबर की रात, छोटे रेगड़ा निवासी पुनीलाल यादव उर्फ मंत्री और संदीप एक्का अपने साथियों के साथ जंगली सुअर के मांस की लालच में जंगल की ओर निकले थे। संबलपुरी नाले के पास हाई-टेंशन लाइन से अवैध हुकिंग कर करंट का तार बिछाया गया। प्लान पक्का था, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।

​जैसे ही तार बिछाया गया, जानवर के फंसने की जांच करते वक्त पुनीलाल और संदीप खुद उस 11,000 वॉल्ट के करंट की चपेट में आ गए। चिंगारी उठी और चंद पलों में दोनों के शरीर शांत पड़ गए।

दोस्ती पर भारी पड़ा डर : लाशें छिपाने की घिनौनी साजिश – घटना के वक्त वहां मौजूद जयकिशन, रमेश, राजू, आकाश और एक नाबालिग के पैरों तले जमीन खिसक गई। एक नाबालिग साथी भी करंट की चपेट में आकर घायल हो गया था। बजाय इसके कि वे पुलिस को सूचना देते या अस्पताल भागते, गिरफ्तारी के डर ने उनकी इंसानियत मार दी।

आरोपियों ने सबूत मिटाने के लिए अपने ही साथियों की लाशों को घसीटकर घनी झाड़ियों में छिपा दिया और तार समेटकर चुपचाप अपने घरों में दुबक गए।

पुलिस की ‘पैनी नजर’ ने खोला राज : 12 दिसंबर को परिजनों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। 13 दिसंबर को जब नदी किनारे लाशें मिलीं, तो मामला संदिग्ध लगा। पुलिस ने जब पुनीलाल के बेटे विजय यादव और संदिग्धों से कड़ाई से पूछताछ की, तो तोते की तरह सब कुछ उगल दिया।

  • आरोपी : आकाश टोप्पो (18), जयकिशन एक्का (19), रमेश उरांव (60), राजू टोप्पो (19) और एक नाबालिग।
  • बरामदगी : अवैध हुकिंग में इस्तेमाल बिजली का तार और अन्य उपकरण।

एक्शन में पुलिस : जेल भेजे गए आरोपी – मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी दिव्यांग पटेल के निर्देश पर थाना प्रभारी गेंदलाल साहू ने त्वरित कार्रवाई की। पुलिस ने आरोपियों पर बीएनएस की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या), 238(ख) (साक्ष्य मिटाना) और विद्युत अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। सभी बालिग आरोपियों को जेल और नाबालिग को किशोर न्याय बोर्ड भेजा गया है।

पुलिस का स्पष्ट संदेश : अवैध शिकार और बिजली चोरी का खेल अब सलाखों के पीछे ही खत्म होगा।

Ambika Sao

सह-संपादक : छत्तीसगढ़

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