नहर में लाश, न गवाह न सबूत… फिर कैसे मिला कातिल को आजीवन कारावास? पढ़ें धमतरी पुलिस की वो जाँच, जिसने मुजरिम की रूह कपा दी!…

धमतरी। अपराध की दुनिया में यह कहावत मशहूर है कि “कानून के हाथ लंबे होते हैं”, और धमतरी पुलिस ने इसे सच कर दिखाया है। सिर्री पुल के पास हुए सनसनीखेज अंधे कत्ल के मामले में माननीय द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने आरोपी मुकेश साहू को आजीवन कारावास और 7 वर्ष के सश्रम कारावास की कठोर सजा सुनाई है।
यह मामला न केवल एक जघन्य हत्या का था, बल्कि पुलिस की कार्यक्षमता की अग्निपरीक्षा भी था, क्योंकि इस हत्याकांड का कोई चश्मदीद गवाह नहीं था।
क्या था मामला? – 09 अक्टूबर 2024 को ग्राम सिर्री रोड स्थित बड़ी नहर में एक अज्ञात युवक की लाश मिली थी। मृतक के हाथ-पैर बंधे हुए थे, जो चीख-चीख कर कह रहे थे कि यह सामान्य डूबने की घटना नहीं, बल्कि एक सोची-समझी हत्या है। शिनाख्त होने पर पता चला कि मृतक ग्राम कंडेल का 22 वर्षीय युवक किशोर साहू था।
पेचीदा था केस, तीन थाना क्षेत्रों में उलझी थी गुत्थी – पुलिस के सामने यह केस किसी भूलभुलैया से कम नहीं था :
- निवास : मृतक थाना अर्जुनी क्षेत्र का था।
- हत्या : थाना कुरुद के ग्राम डांडेसरा के पास हुई।
- बरामदगी : लाश चौकी बिरेझर क्षेत्र से मिली।
- चुनौती : घटना का कोई प्रत्यक्षदर्शी (Eye Witness) नहीं था।
ऐसे कसा कानून का शिकंजा – धमतरी एसपी के मार्गदर्शन में तत्कालीन चौकी प्रभारी निरीक्षक चंद्रकांत साहू ने वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन और तकनीकी विश्लेषण का सहारा लिया। कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस आरोपी मुकेश साहू (27 वर्ष) तक पहुंची।
हत्या की वजह और तरीका: शराब सेवन के दौरान आरोपी ने मृतक को नहर किनारे ले जाकर उसके हाथ-पैर बांध दिए और उसे पानी में डुबोकर तड़पा-तड़पा कर मार डाला। साक्ष्य मिटाने के लिए मोबाइल और गाड़ी की नंबर प्लेट भी नहर में फेंक दी थी।
विवेचना अधिकारी हुए सम्मानित – इस ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने और कोर्ट में पुख्ता सबूत पेश कर आरोपी को अंजाम तक पहुँचाने के लिए पुलिस अधीक्षक धमतरी श्री सूरज सिंह परिहार ने निरीक्षक चंद्रकांत साहू की पीठ थपथपाई है। उन्हें:
- सेवा पुस्तिका में प्रशंसा अंक प्रदान किए गए।
- 500/- रुपये नगद पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
यह फैसला न केवल अपराधी के लिए सबक है, बल्कि आम जनता में पुलिस और न्याय प्रणाली के प्रति विश्वास को और मजबूत करता है।
