रायगढ़ : शिक्षकों का पाँच दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न, नई शिक्षा नीति के अनुरूप दी गई ‘बाल-केंद्रित’ शिक्षा की ट्रेनिंग

रायगढ़, 21 दिसम्बर 2025। नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 के उद्देश्यों को धरातल पर उतारने की दिशा में विकासखंड रायगढ़ ने एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में आयोजित प्राथमिक शिक्षकों का पाँच दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शनिवार को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
इस प्रशिक्षण का मुख्य केंद्र बिंदु नैतिक शिक्षा, नवीन पाठ्यपुस्तकें और गतिविधि आधारित शिक्षण रहा।
चार केंद्रों पर हुआ प्रशिक्षण का आयोजन : प्रशिक्षण कार्यक्रम 15 से 20 दिसंबर तक विकासखंड के चार प्रमुख केंद्रों पर आयोजित किया गया :
- प्राथमिक शाला ननसिया
- माध्यमिक शाला जुर्डा
- प्राथमिक शाला कोतरा
- माध्यमिक शाला उर्दना
प्रशिक्षण की मुख्य विशेषताएँ :
- आधुनिक तकनीक का उपयोग : पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए शिक्षकों की उपस्थिति QR कोड आधारित प्रणाली से दर्ज की गई।
- कौशल विकास : डाइट (DIET) धरमजयगढ़ के अनुभवी मास्टर ट्रेनर्स (श्री रोहित सिदार, श्री पहलाद चौहान, श्रीमती लता महंत आदि) ने शिक्षकों को आधुनिक अध्यापन विधियों और टीएलएम (TLM) के प्रभावी उपयोग के गुर सिखाए।
- बाल-केंद्रित दृष्टिकोण : रटने की पद्धति को छोड़कर खेल-खेल में सीखने और ‘लर्निंग आउटकम’ (Learning Outcomes) पर विशेष जोर दिया गया।
नैतिक मूल्यों पर विशेष जोर : प्रशिक्षण के समापन सत्र को संबोधित करते हुए विकासखंड स्त्रोत समन्वयक (BRC) श्री मनोज अग्रवाल ने शिक्षकों को प्रेरित करते हुए कहा:
”शिक्षा का उद्देश्य केवल साक्षर बनाना नहीं, बल्कि बच्चों में सामाजिक उत्तरदायित्व और सांस्कृतिक चेतना का विकास करना है। प्रारंभिक कक्षाओं में ही यदि नैतिक मूल्यों और अनुशासन की नींव रखी जाए, तो हम एक बेहतर समाज और राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं।”
सफल संचालन में इनका रहा योगदान : जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. के.वी. राव एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री संजय पटेल के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सीएसी विकास पटेल, विनोद सिंह, मनोज गुप्ता सहित सभी केंद्र प्रभारियों और सहयोगी स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
सहभागी शिक्षकों ने इस प्रशिक्षण को नवीन सत्र के लिए अत्यंत ऊर्जादायक बताया। शिक्षकों का मानना है कि नवीन पाठ्यपुस्तकों पर आधारित यह व्यवहारिक प्रशिक्षण छात्रों के सर्वांगीण विकास में मील का पत्थर साबित होगा।




