ऑपरेशन क्लीन हंट : घरघोड़ा पुलिस के शिकंजे में चिटफंड माफिया, ‘शुष्क इंडिया’ का भगोड़ा डायरेक्टर सुनील तिवारी जशपुर से दबोचा गया…

- रकम दोगुनी करने का झांसा देकर गरीबों की गाढ़ी कमाई डकारने वाले सिंडिकेट पर पुलिस का कड़ा प्रहार…
- जशपुर में छिपकर काट रहा था फरारी, घरघोड़ा पुलिस ने घेराबंदी कर भेजा सलाखों के पीछे…
रायगढ़। रायगढ़ पुलिस के ‘ऑपरेशन क्लीन हंट’ ने जिले के पुराने और शातिर धोखेबाजों की नींद हराम कर दी है। एसएसपी शशि मोहन सिंह के सख्त निर्देशों और एएसपी अनिल सोनी की निगरानी में घरघोड़ा पुलिस ने निवेशकों के करोड़ों रुपये डकारने वाली चिटफंड कंपनी “शुष्क इंडिया लिमिटेड” के फरार डायरेक्टर सुनील तिवारी को जशपुर से धर दबोचा। कम समय में मोटा मुनाफा और रकम दोगुनी करने का लालच देकर फरार हुए इस शातिर नटवरलाल को पुलिस ने अदालत में पेश कर रिमांड पर जेल भेज दिया है।
मासूम निवेशकों से ठगी, फिर दफ्तर बंद कर हुए थे फरार – मामले का खुलासा 27 मार्च 2017 को हुआ था, जब नवापारा घरघोड़ा निवासी लालबाबू गुप्ता समेत दर्जनों ग्रामीणों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। नवापारा में राजकुमार कोसे के जरिए ‘शुष्क इंडिया लिमिटेड’ का दफ्तर खोलकर लोगों से आरडी और एफडी के नाम पर हर महीने लाखों रुपये जमा कराए गए। झांसा ऐसा कि गरीब और मजदूर तबके के लोग अपनी गाढ़ी कमाई कंपनी के हवाले करते चले गए। वर्ष 2016 में जब निवेशकों की परिपक्वता राशि लौटाने का वक्त आया, तो कंपनी संचालक दफ्तर में ताला जड़कर रातों-रात चंपत हो गए। बाद में जब निवेशकों ने पैसे मांगे, तो कंपनी पर केस चलने का बहाना बनाकर खुलेआम धमकाया जाने लगा।
ROC ग्वालियर की जांच से खुला डायरेक्टरों का काला चिट्ठा – घरघोड़ा पुलिस ने अपराध क्रमांक 61/2017 के तहत धोखाधड़ी (धारा 420, 467, 468 भादवि) और छत्तीसगढ़ निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम 2005 की धारा 6 व 10 के तहत शिकंजा कसा। स्थानीय संचालक राजकुमार कोसे की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की जांच की सुई कंपनी के असली आकाओं की तरफ घूमी। धारा 173(8) जाफौ के तहत आरओसी (ROC) ग्वालियर से दस्तावेज खंगाले गए, जिसमें तीन मुख्य डायरेक्टरों के नाम बेनकाब हुए—
- दिनेश सैनी (निवासी मक्सी, शाजापुर, म.प्र.)
- नरेंद्र लोधी (निवासी मक्सी, शाजापुर, म.प्र.)
- सुनील तिवारी (निवासी इंदौर, म.प्र.)
इनमें से आरोपी दिनेश सैनी को पुलिस उज्जैन सेंट्रल जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पहले ही सलाखों के पीछे भेज चुकी है।
जशपुर में मुखबिर की सटीक सूचना पर स्ट्राइक – एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी के सुपरविजन में घरघोड़ा थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव साहू को पुख्ता सूचना मिली कि फरार डायरेक्टर सुनील तिवारी जशपुर इलाके में छिपा हुआ है। पुलिस टीम ने बिना देर किए दबिश दी और घेराबंदी कर आरोपी को हिरासत में ले लिया। थाने लाकर की गई कड़ी पूछताछ में उसने अपने साथियों के साथ मिलकर करोड़ों के इस फर्जीवाड़े की साजिश रचना कबूल कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी का विवरण:
- नाम: सुनील तिवारी (उम्र 41 वर्ष)
- पिता: दशरथ प्रसाद तिवारी
- मूल पता: वार्ड क्र. 85, राम मंदिर के पास, प्रजापत नगर, द्वारिकापुरी, जिला इंदौर (म.प्र.)
- हाल मुकाम: गली नं. 02, विदिशा रोड, भानपुर, थाना छोला, जिला भोपाल (म.प्र.)
इस हाई-प्रोफाइल कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव साहू, एएसआई डेविड टोप्पो और आरक्षक हरीश पटेल की सटीक घेराबंदी ने चिटफंड के इस बड़े खिलाड़ी को आखिरकार जेल के सींखचों में पहुंचा दिया। रायगढ़ पुलिस ने साफ संदेश दे दिया है कि आम जनता की गाढ़ी कमाई लूटने वाले अपराधी चाहे जमीन के किसी भी कोने में छिप जाएं, कानून के लंबे हाथों से बच नहीं सकते।




