
फिरोज अहमद खान (पत्रकार)
बालोद/डौंडी। क्षेत्र में अवैध शराब बिक्री और तस्करी पर लगाम कसने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा लगातार सघन अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में बालोद पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण के कुशल निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चंद्रकांत गवर्ना के सतत मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी डौंडी श्रीमती उमा ठाकुर के निरीक्षण में थाना डौंडी पुलिस को एक अहम सफलता मिली है। पुलिस टीम ने त्वरित एवं सख्त कार्रवाई करते हुए ग्राम चिखली में दबिश देकर भारी मात्रा में अवैध देशी शराब जब्त की है और आरोपी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के आदेश पर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 04 सितंबर 2026 को डौंडी पुलिस की एक विशेष टीम देहात गश्त, जुर्म-जरायम की पतासाजी एवं विवेचना हेतु ग्राम चोरहापड़ाव एवं चिखली की ओर रवाना हुई थी। गश्त के दौरान जब पुलिस टीम चिखली स्कूल के समीप पहुंची, तो मुखबिर से गुप्त सूचना प्राप्त हुई कि बाजार चौक चिखली निवासी पुनीत राम नेताम अपने घर के आंगन में अवैध रूप से बिक्री करने की मंशा से काफी मात्रा में शराब छिपाकर रखा हुआ है।

मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए तत्काल कानूनी प्रक्रिया शुरू की। पुलिस ने निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय गवाहों— नरेश पोया (पिता संतोष कुमार पोया, उम्र 42 वर्ष) एवं भुवनेश्वर गोटा (पिता आत्माराम, उम्र 50 वर्ष, दोनों निवासी चिखली)— को तलब कर धारा 179 बीएनएस के तहत विधिवत नोटिस तामील कराया। इसके बाद गवाहों को पूरी स्थिति से अवगत कराते हुए मुखबिर पंचनामा तैयार किया गया। तलाशी वारंट प्राप्त करने में होने वाले संभावित विलंब और आरोपी के फरार होने की आशंका को देखते हुए आवश्यक वैधानिक पंचनामा तैयार कर पुलिस टीम गवाहों के साथ बताए गए स्थान के लिए रवाना हुई।
घटनास्थल पर पहुंचकर जब पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी की, तो वहां एक व्यक्ति अपने घर के आंगन में पीले रंग की प्लास्टिक झिल्ली में कुछ संदिग्ध सामान रखे हुए मिला। पुलिस बल ने घेराबंदी कर उसे मौके पर ही धर दबोचा। पूछताछ करने पर उसने अपना नाम पुनीतराम नेताम (पिता स्व. रामचंद नेताम, उम्र 45 वर्ष, निवासी बाजारपारा चिखली, थाना डौंडी, जिला बालोद) बताया।

कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए पुलिस ने आरोपी की सहमति से गवाहों के समक्ष उसकी जामा तलाशी ली। इसके पूर्व निष्पक्षता बनाए रखने के लिए आरोपी द्वारा पुलिस स्टाफ, गवाहों एवं शासकीय वाहन की तलाशी ली गई, जिसमें कुछ भी संदिग्ध नहीं पाया गया। इसके पश्चात जब आरोपी के पास मौजूद पीले रंग की प्लास्टिक झिल्ली की जांच की गई, तो उसके अंदर से कुल 30 पौव्वा देशी प्लेन ‘शोले’ शराब बरामद हुई। प्रत्येक पौव्वा 180 एमएल क्षमता का था, जिसकी कुल मात्रा 5,400 एमएल (5.4 लीटर) तथा अनुमानित मूल्य ₹2,400 अंकित की गई। जब्त शराब पर छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग का होलोग्राम और लेबल लगा हुआ था।
शराब की पहचान पंचनामा की प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद पुलिस अधिकारियों ने आरोपी को बीएनएस की धारा 94 के तहत नोटिस जारी कर इतनी बड़ी मात्रा में शराब रखने तथा उसकी खरीद-बिक्री से संबंधित वैध लाइसेंस या दस्तावेज पेश करने को कहा। हालांकि, आरोपी पुनीतराम नेताम शराब के परिवहन या बिक्री से संबंधित कोई भी वैध कागजात प्रस्तुत करने में पूरी तरह असमर्थ रहा और उसने अवैध रूप से शराब रखने की बात स्वीकार की।
पुलिस ने गवाहों की मौजूदगी में जब्त शराब को विधिवत सीलबंद कर आबकारी अधिनियम एवं भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 34(2) के तहत जप्ती पत्रक तैयार कर अपने कब्जे में ले लिया।
मामला गैर-जमानती प्रकृति का होने के कारण पुलिस ने आरोपी को अपराध के कारणों से अवगत कराते हुए प्रातः 09:35 बजे विधिवत गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी की तत्काल सूचना आरोपी की पत्नी श्रीमती सीता बाई नेताम को दे दी गई। तत्पश्चात पुलिस टीम ने घटनास्थल का बारकी से निरीक्षण कर नक्शा मौका तैयार किया और गवाहों के विस्तृत बयान दर्ज किए। मौके पर ही ‘देहाती नालसी’ तैयार कर थाना डौंडी में अपराध क्र. 121/2026 दर्ज कर विवेचना में लिया गया।
सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के उपरांत आरोपी पुनीतराम नेताम को माननीय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (जेएमएफसी) न्यायालय, दल्ली राजहरा के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से विद्वान न्यायाधीश के आदेशानुसार उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
अवैध शराब के इस कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने और आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचाने की इस सफल कार्रवाई में थाना प्रभारी डौंडी श्रीमती उमा ठाकुर तथा थाना डौंडी के सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) गोपाल रजक, प्रशिक्षु उपनिरीक्षक संजय सिंह, आरक्षक (क्र. 314) भुवनेश्वर यादव, आरक्षक (क्र. 179) पुकेश्वर साहू, आरक्षक (क्र. 92) सुमन देवहारी तथा आरक्षक (क्र. 352) ईश्वर भंडारी की सराहनीय व सक्रिय भूमिका रही। बालोद पुलिस ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में अवैध नशीले पदार्थों के कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ यह अभियान आगे भी सख्ती से जारी रहेगा।




