SSP के दफ्तर में पेट्रोल लेकर घुसा ‘जिला बदर’ गुंडा; रायगढ़ पुलिस ने दबोच कर भेजा जेल!…

रायगढ़। कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाकर रायगढ़ एसएसपी कार्यालय परिसर में पेट्रोल की बोतल हाथ में लेकर हंगामा करने वाले शातिर जिला बदर आरोपी चाहत शुक्ला उर्फ आदित्य को कोतवाली पुलिस ने धर दबोचा है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ त्वरित और सख्त प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे सीधे रायगढ़ जिला जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया गया है।
इस पूरी कार्रवाई पर रायगढ़ एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने दोटूक शब्दों में चेतावनी दी है—“कानून को चुनौती देने वाले और लोक शांति भंग करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा, रायगढ़ पुलिस ऐसे तत्वों के खिलाफ सबसे कठोर वैधानिक एक्शन लेगी।”
हाथ में पेट्रोल की बोतल, पुलिस दफ्तर में हाई-वोल्टेज ड्रामा – मामला 16 जुलाई 2026 की शाम का है। दो-दो बार जिला बदर हो चुका शातिर बदमाश चाहत शुक्ला उर्फ आदित्य (निवासी- रेलवे स्टेशन मोटरसाइकिल स्टैंड के पीछे) अचानक एसएसपी कार्यालय परिसर में दाखिल हो गया। आरोपी के हाथ में प्लास्टिक की बोतल थी, जिसमें पेट्रोल भरा हुआ था। वह चिल्ला-चिल्लाकर पुलिस पर बार-बार जिला बदर की कार्रवाई करने का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगा।
दफ्तर में पेट्रोल लेकर पहुंचे गुंडे को देख हड़कंप मच गया। पुलिसकर्मियों ने सूझबूझ दिखाते हुए तत्काल उसकी घेराबंदी की और पेट्रोल की बोतल को सुरक्षित तरीके से उसके कब्जे से छीन लिया। इसी बीच कोतवाली पुलिस की पेट्रोलिंग टीम भी मौके पर पहुंच गई।
समझाने पर और भड़का, पुलिस ने लगाया ‘कानूनी हंटर’ – पुलिस टीम ने जब उग्र हो रहे आरोपी को शांत कराने और समझाने की कोशिश की, तो वह सुधरने के बजाय और अधिक बदतमीजी पर उतर आया। वह लगातार अभद्र व्यवहार करते हुए उग्र हंगामा करता रहा। किसी बड़ी अप्रिय घटना या संज्ञेय अपराध की आशंका को भांपते हुए कोतवाली पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया। पुलिस ने धारा 170 बीएनएसएस के तहत आरोपी को तत्काल गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद इस्तगासा क्रमांक 308/2026 में धारा 170/126/135(3) बीएनएसएस के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कर 17 जुलाई को उसे एसडीएम कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल वारंट पर जिला जेल भेज दिया गया।
क्रिमिनल रिकॉर्ड : 8 जिलों की सीमा से था तड़ीपार – चाहत शुक्ला रायगढ़ पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था। वर्ष 2023 से लगातार मारपीट और अन्य संगीन अपराधों में लिप्त इस 29 वर्षीय अपराधी को इसके पहले साल 2024 में भी एक साल के लिए जिला बदर किया गया था। लेकिन जेल से बाहर आते ही साल 2025 में उसने फिर मारपीट की वारदात को अंजाम दिया।
इसके बाद जिला दंडाधिकारी रायगढ़ ने सख्त कदम उठाते हुए 23 मार्च 2026 को छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धाराओं के तहत चाहत शुक्ला को रायगढ़ समेत सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती, बलौदा बाजार-भाटापारा, महासमुंद, जांजगीर-चांपा, कोरबा और जशपुर जिलों की सीमाओं से एक साल के लिए खदेड़ (जिला बदर) दिया था।
वर्दी से टकराने की हिमाकत पड़ी भारी – तड़ीपार होने के बावजूद वह न सिर्फ रायगढ़ जिले की सीमा में अवैध रूप से घुसा, बल्कि सीधे पुलिस के आला अधिकारियों के दफ्तर में पेट्रोल लेकर धमक गया। रायगढ़ पुलिस की मुस्तैदी ने न सिर्फ एक बड़े हादसे को टाला, बल्कि कानून का खौफ दिखाते हुए शातिर गुंडे को उसकी सही जगह यानी जेल पहुंचा दिया है।




