‘वन नेशन वन स्टूडेंट आईडी’ पर रायगढ़ शिक्षा विभाग का बड़ा फरमान: लापरवाही पर नपेंगे स्कूल संचालक, 100% बायोमैट्रिक अपडेशन अनिवार्य!…

- जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने जारी किया सख्त आदेश; जिले की सभी शासकीय और अशासकीय शालाओं में शिविर लगाकर छात्रों का डाटा UIDAI और यू-डाईस पोर्टल पर अपडेट करने के निर्देश। लापरवाही पर होगी सीधी कार्रवाई।…
रायगढ़। नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत देश भर के छात्रों की शैक्षणिक प्रगति को ट्रैक करने के लिए लागू की जा रही महत्वाकांक्षी ‘अपाार आईडी’ (APAAR ID) योजना को लेकर रायगढ़ जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) रायगढ़ ने एक बेहद कड़ा और महत्वपूर्ण आधिकारिक पत्र (क्रमांक/2971/विद्या/2026-27) जारी कर जिले के सभी शासकीय, अशासकीय, हाईस्कूल, हायर सेकेंडरी, माध्यमिक और प्राथमिक शालाओं के प्राचार्यों, प्रधान पाठकों तथा संचालकों को अंतिम चेतावनी दे दी है।
लंबित बायोमैट्रिक पर फूटा गुस्सा – आधिकारिक सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिले की अधिकांश शालाओं में भारी संख्या में विद्यार्थियों के आधार बायोमैट्रिक अपडेशन का कार्य लंबे समय से पेंडिंग पड़ा हुआ था। इसे शासन के दिशा-निर्देशों की खुली अवहेलना मानते हुए शिक्षा विभाग ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। पत्र में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि राज्य सरकार द्वारा विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य और कौशल विकास के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। इन सभी योजनाओं का लाभ सीधे छात्रों तक पहुंचाने और ‘एक राष्ट्र एक छात्र आईडी’ के बड़े उद्देश्य को पूरा करने के लिए अपार आई.डी. का निर्माण युद्ध स्तर पर किया जाना है।
आदेश की मुख्य बातें और कड़े निर्देश :
- शत-प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य : स्कूल संचालकों को अपने अधीनस्थ सभी संस्थाओं के शत-प्रतिशत विद्यार्थियों की शिविर में उपस्थिति सुनिश्चित करने की कमान सौंपी गई है।
- यू-डाईस पोर्टल पर तुरंत प्रविष्टि : शिविरों के माध्यम से छात्रों का बायोमैट्रिक डाटा सीधे भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) में अपडेट किया जाएगा, जिसके तुरंत बाद इसकी लाइव प्रविष्टि यू-डाईस (U-DISE) पोर्टल पर अनिवार्य रूप से करनी होगी।
- निगरानी के लिए उच्च अधिकारियों को प्रतिलिपि : इस पूरे महाभियान की सीधी मॉनिटरिंग खुद रायगढ़ कलेक्टर और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) कर रहे हैं, जिससे साफ है कि काम में किसी भी प्रकार की कोताही बरतने वाले प्राचार्यों और संस्था प्रमुखों पर गाज गिरना तय है।
क्या है अपार आईडी और क्यों मची है खलबली? – दरअसल, अपार आईडी (Automated Permanent Academic Account Registry) प्रत्येक छात्र की एक अनूठी और डिजिटल पहचान होगी। इसके माध्यम से छात्र के प्री-प्राइमरी से लेकर उच्च शिक्षा तक के सभी रिकॉर्ड, खेल-कूद की उपलब्धियां, स्कॉलरशिप और कौशल विकास का पूरा ब्यौरा एक जगह सुरक्षित रहेगा। विभाग का मानना है कि बायोमैट्रिक अपडेशन न होने के कारण हजारों छात्र इस महत्वपूर्ण डिजिटल प्रणाली से बाहर चल रहे हैं, जिसे अब किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी विकासखण्ड शिक्षा अधिकारियों (BEO) को भी मैदान में उतरकर निर्धारित तिथियों के अनुसार आयोजित होने वाले शिविरों की कड़ी निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। अब देखना यह होगा कि इस कड़े रुख के बाद जिले के निजी और सरकारी स्कूल कितनी मुस्तैदी से इस लक्ष्य को हासिल करते हैं, लेकिन विभाग के इस तेवर ने शिक्षा जगत में हड़कंप जरूर मचा दिया है।




