महासमुंद DEO सस्पेंड : भगवान राम के नाम पर ‘विवादास्पद’ विकल्प और आर्थिक अनियमितता पड़ी भारी, शासन ने की बड़ी कार्रवाई…

नवा रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने महासमुंद के प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) श्री विजय कुमार लहरे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। लहरे पर स्कूली परीक्षा में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, अदालती आदेशों की अवहेलना और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगे हैं।
विवाद की जड़ : कुत्ते के नाम के विकल्प में ‘भगवान राम’ – मामला कक्षा चौथी की अर्धवार्षिक अंग्रेजी परीक्षा से जुड़ा है। प्रश्न पत्र में एक कुत्ते के नाम के विकल्प के रूप में हिंदू धर्म के आराध्य ‘भगवान राम’ का नाम सम्मिलित किया गया था। 8 जनवरी 2026 को ‘नवभारत’ समाचार पत्र में “चौथी की परीक्षा में सवाल पर बवाल, कुत्ते का नाम शेरू या राम?” शीर्षक से खबर छपने के बाद हड़कंप मच गया था।
जांच में पाया गया कि प्रश्न पत्रों के निर्धारण और वितरण की जिम्मेदारी DEO की थी, लेकिन श्री लहरे ने इसमें भारी लापरवाही बरती। शासन ने इसे ‘अत्यंत आपत्तिजनक, निंदनीय और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला’ कृत्य माना है, जिससे विभाग की छवि धूमिल हुई।
निलंबन के तीन मुख्य कारण :
- धार्मिक लापरवाही : प्रश्न पत्र में भगवान राम के नाम का अपमानजनक उपयोग।
- अदालती आदेश की अवहेलना : माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर में दायर याचिका के संबंध में समय पर अपील दायर नहीं की गई। विभागीय निर्देशों और व्हाट्सएप पर दी गई सूचनाओं को भी लहरे ने नजरअंदाज किया।
- वित्तीय गबन की आशंका : 30 जनवरी 2026 को हुए विभागीय ऑडिट में उनके कार्यकाल के दौरान गंभीर वित्तीय अनियमितताएं पाई गईं।
निलंबन और नई नियुक्ति – जारी आदेश के अनुसार, श्री विजय कुमार लहरे का यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के विपरीत है।
- मुख्यालय : निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय ‘संभागीय संयुक्त संचालक (शिक्षा), रायपुर’ नियत किया गया है।
- नया प्रभार : महासमुंद जिला शिक्षा अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार श्री बी.एल. देवांगन (प्रभारी उप संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय) को सौंपा गया है।
“प्रशासकीय पदों पर बैठे अधिकारियों की स्वेच्छाचारिता और अनुशासनहीनता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आस्था के साथ खिलवाड़ और राजकीय कर्तव्यों में लापरवाही का यही अंजाम होगा।”




