कलयुगी ममता का खौफनाक अंत : नशे में धुत्त मां ने पत्थर से कुचल दी अपने ही कलेजे के टुकड़े की मासूमियत…

रायगढ़। रिश्तों के कत्ल की एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है जिसने न केवल रायगढ़ बल्कि पूरी इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। जिस मां की गोद को बच्चा दुनिया का सबसे सुरक्षित कोना समझता है, उसी मां ने महज़ इसलिए अपने ढाई साल के बेटे का सिर पत्थर से कुचल दिया क्योंकि वह पैदल चलते-चलते थक गया था और आगे चलने से मना कर रहा था।
थकावट बनी मासूम की मौत का फरमान : घटना कापू थाना क्षेत्र के ग्राम पारेमेर फिटिंगपारा की है। आरोपी महिला सोनमति सरोती मंछवार अपने दो बच्चों के साथ मायके जा रही थी। रास्ते में शराब के नशे में चूर मां ने बड़ी बेटी को घर वापस भेज दिया और ढाई साल के मासूम अनुज को गोद में लेकर पहाड़ी चढ़ने लगी। चढ़ाई के दौरान जब वह थक गई, तो उसने अनुज को नीचे उतारकर पैदल चलने को कहा। मासूम बच्चा थक चुका था और वहीं जमीन पर बैठ गया। बस, यही छोटी सी बात उस ‘निर्दयी’ मां को नागवार गुजरी।

क्रूरता की हदें पार : गुस्से में पागल मां ने अपने ही कलेजे के टुकड़े को पहले जमीन पर पटका और फिर पास पड़े भारी पत्थर से उसके सिर पर तब तक प्रहार किया जब तक कि उसकी सांसें नहीं थम गईं।
अपहरण का स्वांग और पुलिस को गुमराह करने की कोशिश : हत्या के बाद महिला ने किसी मंझे हुए अपराधी की तरह कहानी गढ़ी। उसने परिजनों और पुलिस को बताया कि रास्ते में कुछ लोग उसके बच्चे को छीनकर भाग गए हैं। दो दिनों तक ग्रामीण और पुलिस जंगल की खाक छानते रहे, लेकिन शनिवार रात जब पगडंडी के पास महुआ पेड़ के नीचे खून के धब्बे दिखे और गहरी खाई में मासूम की लाश मिली, तो सारा सच बेनकाब हो गया।
पुलिस की ‘वैज्ञानिक’ सख्ती के आगे टूटा झूठ का किला : रायगढ़ एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में कापू पुलिस ने जब महिला से मनोवैज्ञानिक और वैज्ञानिक तरीके से पूछताछ की, तो उसकी बनाई हुई अपहरण की कहानी ताश के पत्तों की तरह ढह गई। महिला ने कबूल किया कि उसने ही नशे की हालत में अपने बेटे को मौत के घाट उतारा है।
मुख्य बिंदु: एक नज़र में
- आरोपी : सोनमति सरोती मंछवार (27 वर्ष)।
- मृतक : मासूम अनुज (ढाई साल)।
- वजह : नशे की हालत में बच्चे के पैदल न चलने पर आया गुस्सा।
- धारा : भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत मामला दर्ज।
- कार्रवाई : पुलिस ने ई-साक्ष्य (वीडियो बयान) और हत्या में प्रयुक्त पत्थर बरामद कर महिला को जेल भेज दिया है।
एसएसपी का कड़ा संदेश : एसएसपी शशि मोहन सिंह ने इस घटना पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि ऐसे जघन्य और अमानवीय अपराधों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपना रही है। पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर महज 24 घंटों के भीतर इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझा लिया है।




