जशपुर

‘ऑपरेशन आघात’ : ओडिशा के नशे के सप्लायर को जशपुर पुलिस ने दबोचा, सरहद पार से चलता था नशे का नेटवर्क…

जशपुर। नशे के सौदागरों के खिलाफ जशपुर पुलिस का ‘जीरो टॉलरेंस’ अभियान रंग ला रहा है। ‘ऑपरेशन आघात’ के तहत बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए पुलिस ने अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क के मुख्य सप्लायर रंजन साहू को ओडिशा के सुंदरगढ़ से गिरफ्तार कर लिया है। जशपुर पुलिस ने आरोपी को सलाखों के पीछे भेजकर सरहद पार से चल रहे इस काले कारोबार की कमर तोड़ दी है।

कहानी ‘खिलाड़ी’ से ‘मास्टरमाइंड’ तक – इस पूरे नेटवर्क का खुलासा तब हुआ था जब जनवरी 2026 में चौकी कोतबा पुलिस ने मोहित कुमार गुप्ता नाम के तस्कर को 640 नग प्रतिबंधित कोडीन सिरप (कीमत ₹1.11 लाख) के साथ गिरफ्तार किया था। मोहित तो सिर्फ एक मोहरा था, असली खिलाड़ी ओडिशा में छिपा बैठा था।

फिल्मी अंदाज में बिछा जाल, उड़ीसा में घेराबंदी : पुलिस की “एंड-टू-एंड” विवेचना में नाम सामने आया रंजन साहू उर्फ पाकु का। गिरफ्तारी से बचने के लिए रंजन लगातार ठिकाने बदल रहा था। डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से रंजन का पीछा किया और आखिरकार उसे उड़ीसा के ग्राम मालिपाड़ा (खटकुरबहार) में घेराबंदी कर धर दबोचा।

कार्रवाई की मुख्य बातें :

  • बरामदगी : मुख्य आरोपी के पास से पुलिस ने उसका मोबाइल फोन जब्त किया है, जिसमें कई महत्वपूर्ण राज छिपे होने की उम्मीद है।
  • सख्त धाराएं : आरोपी के खिलाफ NDPS Act की धारा 21(C), 27(A) और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
  • टीम की मुस्तैदी : इस ऑपरेशन में चौकी प्रभारी बृजेश कुमार यादव समेत ललित तिग्गा, दीनदयाल साहू और अन्य जवानों ने जान जोखिम में डालकर सरहद पार कार्रवाई को अंजाम दिया।

“नशे के विरुद्ध हमारी लड़ाई ‘जीरो टॉलरेंस’ पर आधारित है। हमने सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए एंड-टू-एंड जांच की है। अपराधी चाहे सीमा के उस पार ही क्यों न हो, जशपुर पुलिस उसे ढूंढ निकालेगी। युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा।” – डॉ. लाल उमेद सिंह (DIG एवं SSP, जशपुर)

बैकग्राउंड : कैसे हुआ था खुलासा? – मोहित कुमार गुप्ता बिना नंबर की होंडा सिटी बाइक पर दो बोरियों में नशीली सिरप भरकर लाखझार घाट के रास्ते छत्तीसगढ़ में घुसने की कोशिश कर रहा था। पुलिस ने नाकाबंदी कर उसे पकड़ा और उसकी निशानदेही पर जंगल में छिपाया गया बाकी स्टॉक भी बरामद किया था। पूछताछ में मोहित ने कबूल किया था कि वह यह खेप ओडिशा के रंजन साहू से खरीदकर लाया था।

अब मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी के बाद पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य स्थानीय संपर्कों की भी तलाश कर रही है।

Ambika Sao

सह-संपादक : छत्तीसगढ़

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