कोरबा में सियासी संग्राम : बालको की दुकानों पर ‘बुलडोजर’ की आहट, पूर्व और वर्तमान मंत्री के बीच ‘रेत-वसूली’ पर छिड़ी जंग…

कोरबा। ऊर्जाधानी कोरबा में इन दिनों पारा सिर्फ मौसम का ही नहीं, बल्कि सियासत का भी चढ़ा हुआ है। बालकोनगर में लघु दुकानदारों को हटाने के नोटिस ने एक ऐसे राजनीतिक युद्ध को जन्म दे दिया है, जिसमें रेत तस्करी, अवैध वसूली और ‘दलाली’ जैसे गंभीर आरोप सरेआम उछाले जा रहे हैं। पूर्व कैबिनेट मंत्री जयसिंह अग्रवाल और वर्तमान मंत्री लखनलाल देवांगन के बीच शुरू हुआ यह आरोप-प्रत्यारोप का दौर अब व्यक्तिगत हमले तक पहुँच गया है।
बालको के नोटिस से भड़का आक्रोश – विवाद की जड़ बालको प्रबंधन द्वारा जारी वह नोटिस है, जिसमें छोटे दुकानदारों और गुमटी संचालकों को 8 अप्रैल तक जगह खाली करने का अल्टीमेटम दिया गया है। प्रबंधन की इस सख्ती के खिलाफ पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने मोर्चा खोलते हुए ‘उत्सव वाटिका’ में एक बड़ी बैठक की, जिसमें सैकड़ों प्रभावित दुकानदार और कांग्रेस कार्यकर्ता जुटे।
जयसिंह अग्रवाल का तीखा वार : “सत्ता के संरक्षण में वसूली” – दुकानदारों के समर्थन में उतरे जयसिंह अग्रवाल ने भाजपा सरकार और स्थानीय मंत्री पर तीखे प्रहार किए। उनके आरोपों के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- दलाली का आरोप : भाजपा के लोग बालको में ‘दलाली’ कर रहे हैं और काम के टुकड़ों के लालच में चुप हैं।
- भतीजे पर निशाना : मंत्री लखनलाल देवांगन के भतीजे पर ‘समानांतर सत्ता’ चलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि जिले में रेत का काम केवल वही करेंगे, ऐसा ‘फरमान’ जारी किया गया है।
- अवैध वसूली : बालको क्षेत्र में रेत की सप्लाई और अन्य कार्यों के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है।
- प्रमाण की चुनौती: देवांगन ने कहा, “अग्रवाल प्रमाणित करें कि मेरा भतीजा कहाँ वसूली करता है? उसके पास कितने ट्रक हैं? क्या वह सिर पर बालू ढोकर सप्लाई करेगा?”
भाजपा नेता अपनी जेब भरने में व्यस्त हैं, इसलिए उन्हें गरीब दुकानदारों का दर्द दिखाई नहीं दे रहा। बालको में दलाली का खेल चल रहा है।” – जयसिंह अग्रवाल, पूर्व मंत्री
मंत्री लखनलाल देवांगन की ‘ओपन चुनौती’ : “साबित करें या राजनीति छोड़ें” – पलटवार करने में मंत्री लखनलाल देवांगन ने भी देरी नहीं की। उन्होंने जयसिंह अग्रवाल के आरोपों को ‘हताशा में की गई राजनीति’ करार दिया।
- प्रमाण की चुनौती : देवांगन ने कहा, “अग्रवाल प्रमाणित करें कि मेरा भतीजा कहाँ वसूली करता है? उसके पास कितने ट्रक हैं? क्या वह सिर पर बालू ढोकर सप्लाई करेगा?”
- राजनीति का चश्मा : मंत्री ने आरोप लगाया कि जयसिंह अग्रवाल केवल सुर्खियों में रहने के लिए दुकानदारों के मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं, जबकि हकीकत में वे जनता को गुमराह कर रहे हैं।
अधर में दुकानदार : बेदखली का डर और राजनीतिक रस्साकशी – एक ओर जहाँ दिग्गज नेता एक-दूसरे के ‘कच्चे चिट्ठे’ खोल रहे हैं, वहीं बालकोनगर के छोटे दुकानदार डरे हुए हैं।
- अल्टीमेटम : 8 अप्रैल की समयसीमा बीतने के बाद अब किसी भी वक्त बलपूर्वक कार्रवाई का डर बना हुआ है।
- प्रभाव : नोटिस की जद में आए सैकड़ों परिवार अपने रोजगार को बचाने के लिए नेताओं की ओर देख रहे हैं, लेकिन फिलहाल उन्हें समाधान के बजाय केवल सियासी बयानबाजी ही मिल रही है।
क्या सुलझेगा मामला? – कोरबा की राजनीति में यह खींचतान आने वाले दिनों में और उग्र होने के आसार हैं। एक तरफ प्रशासनिक सख्ती है, तो दूसरी तरफ विपक्ष की घेराबंदी। अब देखना यह होगा कि मंत्री लखनलाल देवांगन आरोपों की इस आंच से खुद को कैसे बचाते हैं और क्या जयसिंह अग्रवाल इन दुकानदारों को बेदखल होने से बचा पाएंगे?




