अंबिकापुर में मौत का तांडव: नशे में धुत स्कॉर्पियो सवार ने तीन महिलाओं को कुचला, मौके पर ही मौत…

अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में रविवार की रात एक रफ़्तार और नशे के जानलेवा गठजोड़ ने तीन घरों के चिराग बुझा दिए। नेशनल हाईवे 130 पर स्थित भिठ्ठीकला गांव के पास एक बेकाबू स्कॉर्पियो ने सड़क पार कर रही तीन ग्रामीण महिलाओं को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों महिलाओं के शरीर के परखच्चे उड़ गए और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
बाजार से लौट रही थीं ‘मौत के फंदे’ की ओर – जानकारी के मुताबिक, जोगीबांध गांव की रहने वाली मुन्नी बाई (60 वर्ष), राम बाई और एक अन्य 55 वर्षीय महिला भिठ्ठीकला के साप्ताहिक बाजार में सब्जी बेचकर अपना गुजर-बसर करती थीं। रविवार शाम करीब 7 बजे जब वे दिनभर की मेहनत के बाद घर लौटने के लिए सड़क पार कर रही थीं, तभी काल बनकर आई एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने उन्हें रौंद दिया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि वाहन की रफ़्तार इतनी अधिक थी कि महिलाओं को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
नशे में धुत था ड्राइवर, भीड़ ने सिखाया सबक – हादसे के बाद भागने की कोशिश कर रहे स्कॉर्पियो चालक को स्थानीय लोगों ने दबोच लिया। बताया जा रहा है कि चालक शराब के नशे में इस कदर धुत था कि उसे अंदाजा ही नहीं था कि उसने कितनी बड़ी तबाही मचाई है।
लहू-लुहान शवों को देख ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने मौके पर ही चालक की जमकर ‘लिंचिंग’ कर दी। भीड़ के हत्थे चढ़े चालक को इतनी बुरी तरह पीटा गया कि वह मरणासन्न स्थिति में पहुंच गया।
पुलिस ने बमुश्किल बचाई जान – घटना की सूचना मिलते ही मणिपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। आक्रोशित भीड़ के बीच से पुलिस ने किसी तरह घायल चालक को बाहर निकाला और उसे लखनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में भर्ती कराया। उधर, तीनों मृत महिलाओं के शवों को मेडिकल कॉलेज अस्पताल की मर्चुरी में भेज दिया गया है।
सुलगते सवाल :
आखिर कब तक नेशनल हाईवे पर रफ़्तार का यह खूनी खेल चलता रहेगा? क्या महज मुआवजा इन गरीब परिवारों के आंसू पोंछ पाएगा, जिन्होंने अपनों को नशेड़ी चालक की लापरवाही के कारण खो दिया?




