रायपुर लैंड स्कैम : करोड़ों की जमीन का झांसा देकर 36 लाख की ‘चपत’, आरोपी वैष्णव तांडी की अग्रिम जमानत खारिज!…

रायपुर। राजधानी में जमीन के नाम पर जालसाजी का एक बड़ा खेल बेनकाब हुआ है। करोड़ों की जमीन को अपना बताकर लाखों की ठगी करने वाले आरोपी वैष्णव तांडी को कोर्ट से तगड़ा झटका लगा है। न्यायालय ने धोखाधड़ी की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। अब पुलिस की तलवार वैष्णव तांडी और उसके साथी रूपनाथ साहू पर लटक रही है।
‘मास्टरमाइंड’ का खेल : कागज फर्जी, इरादे खतरनाक – अवंति विहार निवासी विनीत जैन को ग्राम कोलर में 30,000 वर्गफुट की बेशकीमती कृषि भूमि का सपना दिखाकर सौदा तय किया गया था।
- सौदा : 1.80 करोड़ रुपये।
- वसूली : 35 लाख रुपये चेक और 1 लाख रुपये नकद (कुल 36 लाख रुपये)।
- धोखा : पैसे लेने के बाद रजिस्ट्री के नाम पर महीनों तक ‘तारीख पर तारीख’ का खेल चलता रहा।
पब्लिक नोटिस ने खोला ‘पाप का घड़ा’ – ठगी का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित विनीत जैन ने जमीन की सार्वजनिक सूचना (Public Notice) जारी करवाई। जैसे ही नोटिस छपा, सच्चाई सामने आ गई:
- जमीन पूरी तरह विवादित थी।
- आरोपी रूपनाथ के भाई ललित साहू ने आपत्ति दर्ज कराई।
- जमीन का नक्शा त्रुटिपूर्ण था और मामला राजस्व न्यायालय में पहले से ही लंबित था।
पुलिस की घेराबंदी : अब सलाखों के पीछे होंगे ठग! – सिविल लाइन्स पुलिस ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की निम्नलिखित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है :
- धारा 318(4) : धोखाधड़ी (Cheating)
- धारा 3(5) : साझा मंशा (Common Intention)
विवेचना अधिकारी : सहायक उपनिरीक्षक संतोष यादव।
“कोर्ट के इस फैसले के बाद रायपुर के भू-माफियाओं में हड़कंप मच गया है। शासन की ओर से दमदार पैरवी ने आरोपियों के बचने के सारे रास्ते बंद कर दिए हैं।”
सावधान रायपुर! – यह मामला एक बार फिर चेतावनी दे रहा है कि जमीन खरीदते समय केवल कागजों पर भरोसा न करें। आरोपियों ने जिस तरह से विवादित जमीन को ‘क्लीन’ बताकर सौदा किया, वह राजधानी में सक्रिय भू-माफियाओं के बड़े सिंडिकेट की ओर इशारा करता है।




