दोस्ती का खूनी अंजाम : मामूली विवाद में दोस्त का सिर ईंटों से कुचला, रायगढ़ पुलिस ने सुलझाई ‘सीतापुर ब्लाइंड मर्डर’ की गुत्थी…

रायगढ़, 21 मई 2026 – एक मामूली सी बहस कैसे खौफनाक कत्ल में बदल सकती है, इसका रोंगटे खड़े कर देने वाला उदाहरण रायगढ़ के सीतापुर इलाके में देखने को मिला। कोतरारोड़ पुलिस ने 15 मई को मिले युवक के शव की गुत्थी सुलझा ली है। इस अंधे कत्ल का मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि मृतक का अपना ही दोस्त निकला, जिसने शराब के नशे और गुस्से में अपने दोस्त को मौत के घाट उतार दिया।
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसे सलाखों के पीछे भेज दिया है।
वारदात की प्रमुख झलकियां :
- टावर मैदान से शुरू हुआ खूनी खेल : सीमेंट का पोल तोड़ने जैसी मामूली बात पर शुरू हुआ विवाद हत्या में तब्दील हो गया।
- दरिंदगी की हदें पार : आरोपी ने पहले हाथ में पहने लोहे के कड़े से हमला किया, फिर पास पड़ी ईंटों से सिर और गर्दन पर ताबड़तोड़ वार कर दोस्त का चेहरा कुचल दिया।
- अस्पताल से मौत के सफर तक : विवाद के बाद मृतक खुद अपने कातिल दोस्त को अस्पताल लेकर गया था, लेकिन उसे नहीं पता था कि कुछ ही घंटों बाद वही दोस्त उसकी जान ले लेगा।
- छातामुड़ा से गिरफ्तारी : हत्या के बाद बहन के घर छिपा आरोपी पुलिस की घेराबंदी से नहीं बच सका।
कैसे घटी यह खौफनाक वारदात? – 14 मई की रात को भगवानपुर निवासी तिलक वर्मा (21) और उसका दोस्त अमन बसोड़ (21) टावर मैदान में बैठे थे। इसी दौरान सीमेंट पोल तोड़ने की बात को लेकर दोनों के बीच मारपीट हुई, जिसमें अमन की शर्ट फट गई। दोस्ती का फर्ज निभाते हुए तिलक ने उसे अपनी टी-शर्ट दी। इसके बाद गांव के बोरिंग के पास दोनों में फिर हाथापाई हुई, जिसमें दोनों घायल हो गए। घायल अमन को तिलक खुद इलाज के लिए जिला अस्पताल ले गया।
इलाज के बाद दोनों बाइक से सीतापुर पहुंचे और शराब तलाशने लगे। शराब न मिलने की झुंझलाहट और पुरानी बहस ने फिर तूल पकड़ लिया। सीतापुर सामुदायिक शौचालय के पास गुस्से में अंधे हो चुके अमन ने अपने हाथ में पहने लोहे के कड़े से तिलक पर जानलेवा हमला कर दिया। जब तिलक लहूलुहान होकर गिर पड़ा, तो अमन ने पास पड़ी ईंट उठाकर उसके सिर, गर्दन और शरीर पर कई वार किए, जिससे तिलक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
पुलिस का ‘ऑपरेशन तलाश’ और गिरफ्तारी : 15 मई की सुबह जब पुलिस को शव मिला, तो एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के निर्देश पर डीएसपी सुशांतो बनर्जी, थाना प्रभारी शील कुमार आदित्य, एफएसएल और डॉग स्क्वॉड की टीम ने मोर्चा संभाला। जांच में पता चला कि आखिरी बार तिलक को अमन के साथ देखा गया था और घटना के बाद से अमन फरार था। मुखबिरों की सटीक सूचना पर पुलिस ने पुराना बस स्टैंड, छातामुड़ा के पास घेराबंदी कर आरोपी अमन को दबोच लिया।
पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल खून से सना लोहे का कड़ा और कपड़े जब्त कर लिए हैं।
एसएसपी का कड़ा संदेश : इस सनसनीखेज मामले के खुलासे के बाद रायगढ़ एसएसपी ने अपराधियों को खुली चेतावनी दी है:
“हत्या जैसे गंभीर अपराध कर फरार होने वाले अपराधियों को रायगढ़ पुलिस ‘ऑपरेशन तलाश’ के तहत लगातार गिरफ्तार कर रही है। कानून से बचने की कोई गुंजाइश नहीं है, अपराधियों पर हमारी कड़ी और त्वरित कार्रवाई बिना रुके जारी रहेगी।” – श्री शशि मोहन सिंह, एसएसपी, रायगढ़
कोतरारोड़ पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने साबित कर दिया है कि अपराध चाहे कितना भी ‘ब्लाइंड’ क्यों न हो, मुजरिम कानून के लंबे हाथों से बच नहीं सकता। मामले के खुलासे में थाना प्रभारी शील कुमार आदित्य, एएसआई मनमोहन बैरागी और उनकी टीम की अहम भूमिका रही।




