बलरामपुर : भिलाईखुर्द गिट्टी क्रशर प्लांट में 20 वर्षीय मजदूर की दर्दनाक मौत, प्रशासन ने की बड़ी कार्रवाई, प्लांट सील…

बलरामपुर: जिले के बारियों चौकी क्षेत्र अंतर्गत आने वाले भिलाईखुर्द गांव में संचालित एक गिट्टी क्रशर प्लांट पर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए उसे सील कर दिया है। यह बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई प्लांट में काम करने वाले एक 20 वर्षीय युवा मजदूर की दर्दनाक मौत के बाद की गई है। इस हादसे ने इलाके में औद्योगिक क्षेत्रों में मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था और नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

कन्वेयर बेल्ट की चपेट में आने से हुआ दर्दनाक हादसा –प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हादसा 17 मई को घटित हुआ था। 20 वर्षीय मजदूर क्रशर प्लांट में काम कर रहा था। काम के दौरान अचानक वह गिट्टी और पत्थर ढोने वाले भारी कन्वेयर बेल्ट की चपेट में आ गया।
मशीन में फंसने के कारण युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के तुरंत बाद, आनन-फानन में उसे बेहतर इलाज के लिए अंबिकापुर के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया और वहां भर्ती कराया गया। हालांकि, अंदरूनी चोटें इतनी गंभीर थीं कि तमाम कोशिशों के बावजूद इलाज के दौरान युवक ने दम तोड़ दिया।
प्रशासन सख्त: खनिज और राजस्व विभाग की संयुक्त कार्रवाई – युवक की मौत की खबर सामने आते ही स्थानीय प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए खनिज विभाग और राजस्व विभाग की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया।
प्रशासनिक कार्रवाई के मुख्य बिंदु:
- औचक निरीक्षण: संयुक्त टीम ने तत्काल भिलाईखुर्द स्थित क्रशर प्लांट का दौरा किया और घटनास्थल की बारीकी से जांच की।
- सुरक्षा मानकों में भारी चूक: प्रारंभिक जांच में यह बात स्पष्ट रूप से सामने आई कि प्लांट में काम करने वाले मजदूरों के लिए आवश्यक और अनिवार्य सुरक्षा मानकों (Safety Standards) की भारी अनदेखी की जा रही थी।
- प्लांट किया गया सील: सुरक्षा में इस जानलेवा कोताही को पुख्ता आधार बनाते हुए, प्रशासन ने तुरंत प्रभाव से क्रशर प्लांट को सील कर दिया है। वहां चल रहे सभी व्यवसायिक और खनन कार्यों पर पूर्ण रूप से रोक लगा दी गई है।
स्थानीय लोगों में आक्रोश, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल – इस हृदयविदारक घटना के बाद स्थानीय निवासियों और साथी मजदूरों में भारी निराशा और आक्रोश है। स्थानीय लोगों का स्पष्ट आरोप है कि:
- क्रशर प्लांट में मजदूरों की जान की सुरक्षा के लिए कोई पर्याप्त इंतजाम या उपकरण (जैसे हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट आदि) मौजूद नहीं थे।
- खतरनाक मशीनों के पास काम करने वालों के लिए जो औद्योगिक प्रोटोकॉल होते हैं, उनका पालन नहीं हो रहा था।
इस हादसे के बाद अब जिले भर में संचालित अन्य क्रशर प्लांटों में श्रमिक सुरक्षा और औद्योगिक नियमों को लेकर प्रशासनिक सख्ती और सघन जांच अभियान चलाए जाने की संभावना जताई जा रही है।
पुलिस जांच में जुटी, होगी कड़ी वैधानिक कार्रवाई – प्रशासनिक सीलिंग की कार्रवाई के साथ-साथ स्थानीय पुलिस (बारियों चौकी) ने भी इस मामले में अपनी जांच तेज कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि:
- घटना के वास्तविक कारणों और प्रबंधन की लापरवाही के स्तर की गहन जांच की जा रही है।
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विभागीय जांच रिपोर्ट के आधार पर प्लांट मालिक और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आगे की कड़ी वैधानिक कार्रवाई (FIR) सुनिश्चित की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि औद्योगिक मुनाफा कमाने की होड़ में श्रमिकों के जीवन और उनकी सुरक्षा से कोई भी समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।




