बिलासपुर : रसूखदारों की ‘वाइल्ड’ डिमांड और कुरदर वैली का खूनी खेल; क्या महफूज हैं हमारे जंगल?…जाने पूरा मामला…

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के अचानकमार टाइगर रिजर्व (ATR) से सटे इलाकों में वन्यजीवों के शिकार और उनके मांस की अवैध बिक्री का एक सनसनीखेज मामला उजागर हुआ है। कोटा स्थित कुरदर वैली रिसॉर्ट में वन विभाग ने छापेमारी कर हिरण का मांस बरामद किया है।
गुप्त सूचना पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ : वन विभाग को मुखबिर से पुख्ता जानकारी मिली थी कि कुरदर वैली रिसॉर्ट में कुछ खास मेहमानों के लिए प्रतिबंधित वन्यजीव का मांस पकाया जा रहा है। सूचना मिलते ही वनमंडलाधिकारी (DFO) के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने ग्राहक बनकर और बेहद गोपनीय तरीके से रिसॉर्ट की घेराबंदी की और सीधे किचन में छापा मारा।
किचन का दृश्य और जब्ती : जब वन विभाग की टीम किचन में दाखिल हुई, तो वहां मांस पकाया जा रहा था। टीम ने कड़ाही में पक रहे मांस और फ्रिज में रखे कुछ अन्य टुकड़ों को जब्त किया। मौके पर मौजूद साक्ष्यों से प्रथम दृष्टया इसके ‘चीतल’ या ‘कोटरा’ (हिरण की प्रजाति) होने की आशंका जताई गई है।
- जब्त सामग्री : पका हुआ मांस, कच्चा मांस और मांस काटने में इस्तेमाल किए गए औजार।
- लैब टेस्टिंग : मांस के नमूनों को सील कर वाइल्डलाइफ फॉरेंसिक लैब भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद अधिनियम की धाराओं में और इजाफा किया जाएगा।
गिरफ्तारियों का विवरण : वन विभाग ने वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर निम्नलिखित आरोपियों को गिरफ्तार किया है:
- प्रबंधन की संलिप्तता : रिसॉर्ट के मैनेजर रजनीश सिंह को मुख्य रूप से जिम्मेदार माना जा रहा है, क्योंकि उसकी देखरेख में ही यह सब हो रहा था।
- स्टाफ : कर्मचारी रमेश यादव, संजय वर्मा और रामकुमार टोप्पो को मांस पकाने और साक्ष्य छिपाने में मदद करने के आरोप में पकड़ा गया है।
फरार आरोपी और शिकार का नेटवर्क : इस पूरे रैकेट का मुख्य सूत्रधार जनक बैगा बताया जा रहा है।
- जनक बैगा वह व्यक्ति है जो जंगलों से शिकार कर रिसॉर्ट तक मांस की सप्लाई करता था।
- वन विभाग को संदेह है कि इसके पीछे एक बड़ा गिरोह हो सकता है जो पैसे वाले पर्यटकों की मांग पर वन्यजीवों का शिकार करता है। जनक बैगा की तलाश में उसके गांव और संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।
रिसॉर्ट पर लटकी तलवार : इस घटना के बाद अब प्रशासन रिसॉर्ट के लाइसेंस को रद्द करने की तैयारी में है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या यहाँ पहले भी ऐसी ‘वाइल्डलाइफ पार्टी’ आयोजित की गई हैं। यह रिसॉर्ट वन क्षेत्र के करीब होने के कारण वन्यजीवों के लिए बड़ा खतरा बन गया था।
कानूनी प्रावधान (Wildlife Protection Act) : हिरण (चीतल/कोटरा) का शिकार और उसका सेवन गैर-जमानती अपराध है। इसमें दोषियों को 3 से 7 साल तक की कैद और भारी जुर्माने का प्रावधान है।



