घरघोड़ा : बीच-बचाव करने गए व्यक्ति की टांगी मारकर हत्या, मुन्ना दास को 7 वर्ष का सश्रम कारावास…

घरघोड़ा। विवाद शांत कराना एक शख्स को इतना भारी पड़ा कि उसे अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। घरघोड़ा के माननीय अपर सत्र न्यायाधीश श्री अभिषेक शर्मा ने हत्या के एक सनसनीखेज मामले में फैसला सुनाते हुए आरोपी मुन्ना दास महंत को 7 वर्ष के सश्रम कारावास और 1,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। न्यायालय ने मृतक की पत्नी के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए उन्हें 1 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति दिलाने की अनुशंसा भी की है।
विवाद सुलझाने पहुंचा था मृतक, मिली मौत – अपर लोक अभियोजक राजेश सिंह ठाकुर ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि यह घटना थाना कापू अंतर्गत ग्राम कुंभी चूंआ की है।
- तारीख और समय : 4 दिसंबर 2020, दोपहर करीब 12:30 बजे।
- घटनाक्रम : आरोपी मुन्ना दास और अनिल दास के बीच तीखी बहस और लड़ाई हो रही थी। पड़ोस में रहने वाला पीतांबर दास इंसानियत के नाते बीच-बचाव करने पहुंचा और दोनों को शांत कराने लगा।
- हमला : बीच-बचाव से आक्रोशित होकर मुन्ना दास ने चिल्लाते हुए कहा, “हमारे बीच बोलने वाले तुम कौन हो?” और गुस्से में आकर पास रखी टांगी (कुल्हाड़ी) से पीतांबर के सिर पर प्राणघातक वार कर दिया।
अत्यधिक खून बहने और गंभीर चोट के कारण पीतांबर को तत्काल पत्थलगांव शासकीय अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान दोपहर 3:00 बजे उसकी मृत्यु हो गई।
- न्यायालय ने सभी गवाहों के बयान दर्ज किए और साक्ष्यों का बारीकी से अवलोकन किया।
- उभय पक्ष के तर्कों को सुनने के बाद, न्यायालय ने पाया कि हमला अचानक हुई उत्तेजना का परिणाम था।
- परिणामस्वरूप, आरोपी मुन्ना दास को धारा 302 के बजाय धारा 304 भाग-2 (गैर-इरादतन हत्या) के तहत दोषी पाया गया।
न्यायालय का फैसला : गैर-इरादतन हत्या का दोष सिद्ध – कापू पुलिस द्वारा विवेचना के पश्चात आरोपी के विरुद्ध धारा 302 के तहत चालान पेश किया गया था। सुनवाई के दौरान:
विशेष टिप्पणी : माननीय न्यायालय ने विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से मृतक की बेसहारा पत्नी को 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने की महत्वपूर्ण अनुशंसा की है। शासन की ओर से इस मामले में पैरवी अपर लोक अभियोजक राजेश सिंह ठाकुर ने की।




