पचधारी डैम बना ‘डेथ पॉइंट’ : रायगढ़ का एक और चिराग बुझा, पिकनिक की मस्ती मातम में बदली…

रायगढ़। शहर के करीब स्थित खूबसूरत पचधारी डैम एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन अपनी सुंदरता के लिए नहीं, बल्कि एक और बेगुनाह की जान लेने के लिए। गुरुवार को दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने गया 21 वर्षीय शाश्वत गुरु गहरे पानी की लहरों में ऐसा खोया कि फिर कभी वापस नहीं लौटा। प्रशासन की बार-बार की चेतावनियों और पिछले हादसों के बावजूद, मौत का यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।
कैसे हुई यह हृदयविदारक घटना? – शहर के कार्मेल स्कूल रोड (डीकॉट गली) का निवासी शाश्वत गुरु दोपहर करीब 12 बजे अपने तीन दोस्तों के साथ गोवर्धनपुर स्थित पचधारी डैम पहुँचा था। चिलचिलाती धूप से राहत पाने और मस्ती करने के इरादे से चारों दोस्त पानी में उतरे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार:
- नहाते समय शाश्वत अनजाने में उस गहराई की ओर बढ़ गया जहाँ पानी का दबाव और गहराई सामान्य से कहीं अधिक थी।
- जैसे ही वह डूबने लगा, दोस्तों ने शोर मचाया और उसे बचाने की जद्दोजहद की, लेकिन पानी के तेज भंवर और गहराई के सामने उनकी कोशिशें नाकाम रहीं।
- देखते ही देखते शाश्वत आंखों से ओझल हो गया।
रेस्क्यू ऑपरेशन : 3 घंटे की जद्दोजहद और फिर सन्नाटा – घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और गोताखोरों की टीम मौके पर पहुँची। रेस्क्यू ऑपरेशन करीब तीन घंटे तक चला। स्थानीय गोताखोरों ने कड़ी मशक्कत के बाद शाश्वत के निष्प्राण शरीर को पानी की गहराई से बाहर निकाला। किनारे पर खड़े परिजनों की चीख-पुकार ने वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम कर दीं। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।
“खतरे से खेल रहे हैं युवा” – पुलिस अधीक्षक की सख्त अपील : रायगढ़ एसपी शशि मोहन सिंह ने इस घटना पर गहरा दुख जताते हुए कड़ा संदेश जारी किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि:
- गहन जांच : मर्ग कायम कर लिया गया है और पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है।
- सख्त पहरा : अब डैम के संवेदनशील इलाकों में पुलिस की पेट्रोलिंग बढ़ाई जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
- जनता से अपील : एसपी ने युवाओं और अभिभावकों से अपील की है कि वे डैम के गहरे और प्रतिबंधित क्षेत्रों में जाने का जोखिम न उठाएं।
संपादकीय टिप्पणी : पचधारी डैम में बढ़ते हादसे एक बड़ा सवाल खड़ा करते हैं। क्या प्रशासन को वहां स्थायी चेतावनी बोर्ड और जालीदार बैरिकेडिंग नहीं लगानी चाहिए? और क्या हम अपनी क्षणिक खुशी के लिए अपनी जान जोखिम में डालना कब बंद करेंगे?




