किराए पर ली ‘इको’, फिर नीयत में आया खोट; नंबर प्लेट छिपाकर रची बड़ी साजिश!…

सारंगढ़-बिलाईगढ़ : जिले में धोखाधड़ी का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने आपसी भरोसे की धज्जियां उड़ा दी हैं। एक व्यक्ति ने कमाई का जरिया बनाने के लिए अपनी गाड़ी किराए पर दी, लेकिन उसे क्या पता था कि किराएदार ही उसकी संपत्ति हड़पने और उसे गायब करने की साजिश रच देगा।
लाखों का बकाया और फिर गाड़ी ‘गायब’ : मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम छिन्द निवासी जयराम साहू ने अपनी मारुति सुजुकी इको (CG-13 BB 3376) को ईश्वर साहू नामक व्यक्ति को ₹20,000 प्रति माह के किराए पर चलाने के लिए दिया था। शुरुआती समय के बाद किराएदार की नीयत डोल गई। बकाया राशि ₹80,000 तक पहुंच गई, और जब मालिक ने अपने पैसे या गाड़ी वापस मांगी, तो किराएदार ‘बुकिंग में है’ या ‘गाड़ी बाहर है’ जैसे बहाने बनाकर टालमटोल करने लगा।
साजिश का खुलासा : नंबर प्लेट पर चिपकाया टेप – मामला तब गंभीर हो गया जब जयराम को पता चला कि उसकी गाड़ी को किसी और के पास गिरवी रख दिया गया है। मालिक ने जब खुद खोजबीन शुरू की, तो वह दंग रह गया। उसकी गाड़ी रायगढ़ से 30 किमी दूर चंद्रपुर के पास एक गांव में छिपाई गई थी।
धोखाधड़ी की हद तो तब पार हो गई जब देखा गया कि :
- गाड़ी की पहचान मिटाने के लिए नंबर प्लेट और नाम को टेप से पूरी तरह कवर कर दिया गया था।
- इस साजिश में ईश्वर साहू के साथ उसके मित्र अरुण रात्रे की संलिप्तता भी सामने आई है।
पुलिस की शरण में पीड़ित : अपनी ही गाड़ी को ‘लावारिस’ और ‘पहचान विहीन’ हालत में पाकर पीड़ित जयराम साहू ने सिटी कोतवाली सारंगढ़ में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोपी ईश्वर साहू और अरुण रात्रे के खिलाफ धोखाधड़ी और साजिश रचने के तहत कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
“भरोसा करना पड़ा भारी: लिखित एग्रीमेंट होने के बावजूद आरोपियों ने न सिर्फ किराया डकारा, बल्कि गाड़ी की पहचान मिटाकर उसे खुर्द-बुर्द करने की कोशिश की।”




