रायपुर में सेवा की आड़ में ‘गुंडागर्दी’ : डॉग रेस्क्यू के नाम पर गर्भवती महिला से मारपीट, कुत्ता और मोबाइल लूटा…
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बेजुबानों की सेवा और डॉग रेस्क्यू की आड़ में दहशतगर्दी का खौफनाक चेहरा सामने आया है। भांटागांव चौक पर एक कथित डॉग रेस्क्यू संस्था की संचालिका ने अपने साथियों के साथ मिलकर मानवता की सारी हदें पार कर दीं। आरोपियों ने एक 4 माह की गर्भवती महिला के साथ न केवल बेरहमी से मारपीट की, बल्कि उसका पालतू कुत्ता और मोबाइल भी छीनकर फरार हो गए।
घटना का विवरण : ‘रक्षक’ ही बने भक्षक – मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता गुरप्रीत कौर गिल भांटागांव चौक के पास मौजूद थीं, तभी किरण घनश्याम आहूजा अपनी टीम के साथ वहां पहुंची। विवाद की शुरुआत मामूली बात से हुई, लेकिन देखते ही देखते तथाकथित समाजसेवियों ने उग्र रूप धारण कर लिया।
- गर्भवती महिला पर हमला : आरोपियों को पता था कि महिला गर्भवती है, इसके बावजूद उसके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई।
- लूटपाट और धमकी : मारपीट के दौरान आरोपियों ने पीड़िता का मोबाइल फोन और उसका पालतू कुत्ता जबरन छीन लिया।
- संस्था का धौंस : आरोपी महिला लगातार अपनी ‘डॉग रेस्क्यू संस्था’ का हवाला देकर पीड़िता को धमकाती रही, मानो संस्था का नाम उसे कानून से ऊपर होने का लाइसेंस देता हो।
पुलिसिया कार्रवाई : CCTV ने खोली पोल – पुरानी बस्ती पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू की। पुलिस ने जब घटनास्थल के CCTV फुटेज खंगाले, तो पीड़िता के आरोप सही पाए गए। फुटेज में मारपीट और जबरदस्ती की तस्वीरें साफ नजर आईं, जिसके बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी किरण घनश्याम आहूजा और उसके साथियों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है।
”कुछ लोग संस्था का नाम लेकर आम जनता को डराने-धमकाने का काम करते हैं। सेवा की आड़ में आपराधिक गतिविधियों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।”
पुरानी बस्ती पुलिस प्रशासन
फरार आरोपियों की तलाश तेज : फिलहाल, मुख्य आरोपी किरण आहूजा गिरफ्तारी के डर से फरार है। पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।




