“खेत की फेंसिंग में चिपका बड़ा भाई, तो वियोग और विवाद के खौफ में छोटे ने चुनी मौत; टी-शर्ट पर लिखा – ‘रीना मुझे माफ कर देना’!”…

सूरजपुर। नियति का क्रूर खेल कहें या बदकिस्मती का साया, सूरजपुर जिले के महेशपुर गांव में एक ऐसी चीख गूंजी जिसने हर किसी की रूह कंपा दी। यहां 24 घंटे के भीतर दो सगे भाइयों की अर्थी एक साथ उठी। बड़े भाई की मौत करंट की चपेट में आने से हुई, तो इस वियोग और घर के कलह को छोटा भाई सहन नहीं कर पाया और महुए के पेड़ से झूल गया।
खेत की फेंसिंग बनी काल : घटना रविवार की है, जब महेशपुर निवासी नर्मदा प्रसाद अपने खेतों की रखवाली करने गया था। जानवरों से फसल बचाने के लिए लगाए गए कटीले तारों (फेंसिंग) में करंट दौड़ रहा था। अनजाने में नर्मदा का हाथ उन तारों से छू गया और वह वहीं चिपक गया। आनन-फानन में उसे प्रेमनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घर का कलह और खौफनाक अंत : बड़े भाई की अचानक मौत ने हंसते-खेलते परिवार में मातम पसार दिया। बताया जा रहा है कि इस हादसे के बाद घर में विवाद और तनाव की स्थिति निर्मित हो गई थी। छोटा भाई गणेश राम इस पूरे घटनाक्रम से बुरी तरह टूट चुका था और सहमा हुआ था। रविवार की रात जब सब शोक में डूबे थे, गणेश चुपचाप घर से निकला और गांव के पास ही एक महुए के पेड़ पर फंदा डालकर अपनी जान दे दी।
टी-शर्ट पर आखिरी पैगाम : “रीना मुझे माफ कर देना” – सोमवार की सुबह जब ग्रामीणों ने गणेश का शव पेड़ से लटका देखा, तो कोहराम मच गया। इस आत्महत्या में सबसे दर्दनाक पहलू वह सुसाइड नोट था, जो गणेश ने कागज पर नहीं बल्कि अपनी टी-शर्ट पर लिखा था। उसने अपनी पत्नी के लिए आखिरी शब्द लिखे— “रीना मुझे माफ कर देना।”
”यह महज एक हादसा नहीं, बल्कि एक हंसते-खेलते परिवार की तबाही है। पुलिस ने दोनों भाइयों के शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। मर्ग कायम कर मामले की सूक्ष्मता से जांच की जा रही है।” — प्रेमनगर पुलिस
गांव में पसरा सन्नाटा : एक ही घर से दो भाइयों के शव निकलने के बाद पूरे महेशपुर गांव में मातम पसरा है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या बड़े भाई की मौत के बाद हुए घरेलू विवाद ने छोटे भाई को इस आत्मघाती कदम के लिए मजबूर किया।




