विशेष रिपोर्ट : जांजगीर-चांपा में RTI की आड़ में वसूली का बड़ा खुलासा, सरपंच-सचिव संघ ने खोला मोर्चा…

जांजगीर-चांपा। प्रमोद सागर : छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले समेत रायगढ़ और बलौदाबाजार के कुछ कथित पत्रकारों द्वारा सूचना के अधिकार (RTI) को उगाही का हथियार बनाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। जिले के सरपंच और सचिव संघ ने लामबंद होकर मुख्यमंत्री से लेकर पुलिस अधीक्षक तक लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें ब्लैकमेलिंग और भयादोहन के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
मामले का मुख्य बिंदुव्य : ‘भय और वसूली’ का खेल – शिकायत के अनुसार, जांजगीर-चांपा, खरसिया, रायगढ़ और बलौदाबाजार के कुछ व्यक्तियों का एक समूह पत्रकारिता का चोला ओढ़कर सक्रिय है। ये लोग ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों से संबंधित RTI आवेदन लगाते हैं और फिर जानकारी सार्वजनिक करने या शिकायत करने की धमकी देकर सरपंचों और सचिवों से मोटी रकम की मांग करते हैं।
इन विभागों और अधिकारियों तक पहुंची शिकायत : सरपंच-सचिव संघ ने इस संगठित गिरोह के खिलाफ कार्रवाई के लिए चौतरफा घेराबंदी की है। लिखित शिकायत की प्रतियां निम्नलिखित कार्यालयों में सौंपी गई हैं:
- प्रशासनिक: मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन, संभाग आयुक्त एवं कलेक्टर।
- पुलिस: महानिरीक्षक (IG) बिलासपुर, पुलिस अधीक्षक (SP) जांजगीर-चांपा एवं थाना प्रभारी सिटी कोतवाली।
- विभागीय: जिला पंचायत CEO, जनपद CEO एवं जिला जनसंपर्क अधिकारी।
- संवैधानिक एवं जांच एजेंसियां: राज्य सूचना आयोग, आयकर विभाग और GST ऑफिस।
आंदोलन की चेतावनी : ‘आर-पार की लड़ाई’ – संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि इन कथित पत्रकारों ने RTI जैसे पारदर्शी कानून को “ब्लैकमेलिंग का टूल” बना दिया है। आवेदन में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि:
- यदि इस गिरोह के विरुद्ध अविलंब दंडात्मक कार्यवाही नहीं होती है, तो पूरे जिले में उग्र आंदोलन किया जाएगा।
- आंदोलन की स्थिति में सरकारी कामकाज ठप होने की जिम्मेदारी पूरी तरह प्रशासन की होगी।
- आयकर और GST विभाग को भी संज्ञान लेने को कहा गया है ताकि इनकी अवैध संपत्ति की जांच हो सके।
भ्रष्टाचार बनाम भयादोहन: एक नई चुनौती – जहां RTI कानून पारदर्शिता के लिए है, वहीं इसका दुरुपयोग प्रशासन के लिए सिरदर्द बन गया है। सरपंचों का आरोप है कि ये लोग पंचायत के काम में बाधा डालते हैं और मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस पर क्या रुख अपनाता है और “पत्रकारिता की आड़” में चल रहे इस कथित खेल का पर्दाफाश कैसे होता है।
नोट : इस मामले में पुलिस जांच के बाद ही आरोपी व्यक्तियों की संलिप्तता और आरोपों की सत्यता स्पष्ट हो पाएगी।




