जशपुर

धान माफियाओं के गाल पर ‘खाकी’ का जोरदार तमाचा: राइस मिल से मंडी तक बिछा था फर्जीवाड़े का जाल, पुलिस ने कुचले मंसूबे…

● राइस मिलर का खेल खत्म: सरकारी धान में सेंधमारी की कोशिश, प्रशासन ने ‘वेदांश राइस मिल’ में जड़ा ताला

● झारखंड से आ रही खैप भी जब्त: 48 घंटे में 123 क्विंटल धान पर पुलिस का कब्जा

जशपुर, 15 जनवरी 2026: छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के अंतिम दौर में मुनाफे की मलाई खाने निकले बिचौलियों और तस्करों के लिए जशपुर पुलिस अब ‘काल’ बन चुकी है। एसएसपी शशि मोहन सिंह के ‘जीरो टॉलरेंस’ अल्टीमेटम का असर जमीन पर दिखने लगा है। चौकी दोकड़ा पुलिस ने पिछले दो दिनों में तस्करी की कमर तोड़ते हुए न केवल 123 क्विंटल अवैध धान जब्त किया है, बल्कि सरकारी सिस्टम में सेंध लगाने वाली एक राइस मिल को सील कर माफियाओं को कड़ा संदेश दिया है।

राइस मिल से सीधे मंडी: फर्जीवाड़े का ‘लाइव’ पर्दाफाश – बिचौलियों की हिम्मत तो देखिए – अब वे दूसरे राज्यों से ही नहीं, बल्कि जिले के भीतर राइस मिलों से धान निकालकर दोबारा सरकारी कोटे में खपाने की साजिश रच रहे थे।

13 जनवरी की दोपहर पुलिस ने सुजीबहार के पास दो बिना नंबर के ‘भूतहा’ ट्रैक्टरों को दबोचा। इनमें 250 बोरी धान लदा था। पुलिसिया पूछताछ का डंडा चला तो ड्राइवरों (यमन बेहरा और मुनेश्वर राम) ने तोते की तरह राज उगल दिए।

पता चला कि यह धान बगिया स्थित ‘वेदांश राइस मिल’ से लोड हुआ था और इसे चोंगरीबहार उपार्जन केंद्र में किसी और किसान के टोकन पर खपाने की तैयारी थी।

मिल संचालक फरार, प्रशासन ने जड़ा सील – खबर लगते ही जब प्रशासन की टीम ‘वेदांश राइस मिल’ पहुंची, तो वहां सन्नाटा पसरा था। मिल संचालक और मैनेजर मौका देखकर फरार हो चुके थे। फोन बंद थे। गोदाम में भारी हेराफेरी और अनियमितता देखते ही प्रशासन ने देर नहीं की और मिल को मौके पर ही सील कर दिया।

अंधेरी रात में झारखंड से घुसपैठ नाकाम – दूसरी तरफ, 14 जनवरी की रात 3 बजे, जब तस्करों को लगा कि पुलिस सो रही होगी, तब दोकड़ा पुलिस बॉर्डर पर जाग रही थी। झारखंड से छत्तीसगढ़ में घुस रही एक पिकअप (JH-FB-3748) को पुलिस ने घेराबंदी कर तीतर मारा के पास दबोच लिया। इसमें 29 क्विंटल धान लदा था, जिसका कोई माई-बाप (दस्तावेज) नहीं था। चालक जगरनाथ यादव को पुलिस ने गाड़ी समेत हिरासत में ले लिया।

एसएसपी की हुंकार : “बिल में घुसकर निकालेंगे” – जिले के कप्तान शशि मोहन सिंह ने साफ कर दिया है कि खाकी अब फुल एक्शन मोड में है। उन्होंने कहा, “चाहे सरहदी तस्कर हों या राइस मिल की आड़ में खेल करने वाले सफेदपोश, किसी को बख्शा नहीं जाएगा। हमने अब तक 2200 क्विंटल धान पकड़कर प्रशासन को सौंपा है। यह अभियान तब तक नहीं रुकेगा जब तक अवैध परिवहन की आखिरी कड़ी नहीं टूट जाती।”

इनकी रही दबंग भूमिका – इस पूरे ऑपरेशन में चौकी प्रभारी दोकड़ा अशोक यादव, आरक्षक कुलकांत हंसरा और संजय साय ने जिस मुस्तैदी से जाल बिछाया, उसने तस्करों के नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है।

जशपुर में अब अवैध धान खपाना लोहे के चने चबाने जैसा है, क्योंकि हर रास्ते पर पुलिस का पहरा है।

Ambika Sao

सह-संपादक : छत्तीसगढ़

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