रायगढ़: जनभावनाओं के आगे झुका प्रबंधन; जिंदल पावर ने वापस लिया जनसुनवाई का आवेदन, 18 दिनों से जारी गतिरोध समाप्त…

रायगढ़। रायगढ़ के गारे पेलमा सेक्टर-1 में पिछले कई दिनों से चल रहा तनावपूर्ण माहौल अब शांति की ओर बढ़ चला है। ग्रामीणों के कड़े विरोध और हिंसक घटनाओं के बाद, जिंदल पावर ने बड़ा निर्णय लेते हुए गारे पेलमा सेक्टर-1 कोयला खदान की जनसुनवाई के आवेदन को वापस ले लिया है। इस फैसले और जिला प्रशासन के साथ हुई सहमति के बाद ग्रामीणों ने अपना 18 दिनों से जारी धरना समाप्त कर दिया है।

विवाद की जड़ और हिंसक मोड़ : विवाद की शुरुआत 8 दिसंबर 2025 को हुई जनसुनवाई से हुई थी, जिसे निरस्त करने की मांग को लेकर ग्रामीण 12 दिसंबर से धरने पर बैठे थे। 27 दिसंबर को इस विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें पुलिस और कंपनी के कर्मचारियों पर जानलेवा हमला हुआ और कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। उग्र प्रदर्शन के दौरान कोल हैंडलिंग प्लांट में आगजनी भी की गई, जिससे कंपनी को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
जिंदल पावर का बड़ा फैसला : स्थितियों की गंभीरता को देखते हुए रायगढ़ कलेक्टर ने 28 दिसंबर को जनसुनवाई निरस्त करने के संबंध में पत्र लिखा था। इसके जवाब में जिंदल पावर ने स्पष्ट किया है कि:
- वे जनभावनाओं का सम्मान करते हुए फिलहाल जनसुनवाई के आवेदन को वापस ले रहे हैं।
- जब तक ग्रामवासियों का समर्थन प्राप्त नहीं होगा, कंपनी इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं करेगी।
- भविष्य में अनुकूल परिस्थितियां होने पर ही पुनः आवेदन प्रस्तुत किया जाएगा।
प्रशासनिक पहल से खुला जाम : जिला प्रशासन और ग्रामीणों के बीच चले निरंतर संवाद के बाद दोनों पक्ष लंबित मुद्दों पर सहमत हो गए हैं। सहमति बनते ही ग्रामीणों ने धरना स्थल खाली कर दिया है, जिससे प्रभावित परिवहन मार्ग अब फिर से सुचारू होने लगे हैं। प्रशासन ने क्षेत्र में शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की है।




