धरमजयगढ़ की युवती को शादी का झांसा देकर बगीचा में अनाचार : गर्भवती होने पर मुकरा आरोपी, जशपुर पुलिस ने किया गिरफ्तार…

जशपुर। जिले के बगीचा थाना क्षेत्र में एक युवती के साथ शादी का झांसा देकर अनाचार करने और गर्भवती हो जाने के बाद शादी से इंकार करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी वीरेंद्र विश्वकर्मा (उम्र 21 वर्ष) के खिलाफ बगीचा थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
घटना की पृष्ठभूमि : मामला तब सामने आया जब रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र की 20 वर्षीय युवती ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह दिनांक 24 मई 2025 को अपने रिश्तेदार के यहां बगीचा क्षेत्र के एक ग्राम में शादी समारोह में शामिल होने आई थी। वहीं उसकी मुलाकात आरोपी वीरेंद्र विश्वकर्मा से हुई, जिसने बातचीत के बहाने युवती के साथ नजदीकी बढ़ाई और शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए।
पीड़िता के अनुसार, आरोपी ने लगातार सात दिनों तक उसके साथ इसी झूठे वादे के तहत दुष्कर्म किया। कुछ माह बाद युवती गर्भवती हुई (लगभग 4 से 5 माह)। जब उसने आरोपी से शादी की बात कही तो वह मुकर गया और संबंध से इनकार कर दिया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई : युवती की शिकायत पर धरमजयगढ़ थाना पुलिस ने शून्य में अपराध पंजीबद्ध कर घटना स्थल बगीचा थाना क्षेत्र का होने से प्रकरण को वहां स्थानांतरित कर दिया। बगीचा थाना पुलिस ने मामला क्रमांक 233/2025 दर्ज कर जांच प्रारंभ की।
थाना प्रभारी निरीक्षक गौरव कुमार पांडे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपी का पता लगाते हुए सरगुजा जिले के क्षेत्र से उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार किया। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह ने बताया कि,
“जशपुर पुलिस महिलाओं और बच्चों से जुड़े अपराधों के प्रति अत्यंत संवेदनशील है। बगीचा क्षेत्र की युवती के साथ हुए इस गंभीर अपराध में आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। ऐसे मामलों में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।”
टीम की भूमिका : इस कार्रवाई में सहायक उप निरीक्षक उमेश प्रभाकर, आरक्षक सुनील मिंज, मुकेश पांडे, एवं नगर सैनिक विनोद कुजूर की सक्रिय भूमिका रही।
विश्लेषणात्मक टिप्पणी (संपादकीय दृष्टिकोण से) : यह मामला ग्रामीण समाज में बढ़ते “शादी के नाम पर शोषण” के चलन पर गंभीर सवाल उठाता है। जशपुर पुलिस की तत्परता सराहनीय है, लेकिन यह भी स्पष्ट करता है कि सामाजिक जागरूकता और कानूनी साक्षरता की कमी का फायदा उठाकर युवतियों को धोखा देने वाले अपराधी अब भी सक्रिय हैं। ऐसे मामलों में त्वरित न्याय और कठोर सजा ही निवारक कदम साबित हो सकते हैं।




