अंतर्राज्यीय नार्को सिंडिकेट का भंडाफोड़, उड़ीसा से लाई जा रही 1,500 प्रतिबंधित टैबलेट के साथ तीन तस्कर गिरफ्तार

फिरोज अहमद खान (पत्रकार)
बालोद। जिले में अवैध नशीले पदार्थों के कारोबार पर नकेल कसने के लिए पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टॉस्क फोर्स (ANTF) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। बालोद पुलिस और एएनटीएफ की संयुक्त टीम ने त्वरित और सटीक कार्रवाई करते हुए एक अंतर्राज्यीय नशीली दवा तस्कर गिरोह का पर्दाफाश किया है। तांदुला नदी के तट पर स्थित रामघाट मंदिर के पास दबिश देकर पुलिस ने भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीली गोलियों के साथ तीन आरोपियों को धर दबोचा। इस पूरी कार्रवाई में जब्द की गई सामग्री और वाहनों की कुल अनुमानित कीमत 7,15,000 रुपए आंकी गई है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस की त्वरित दबिश
पुलिस अधीक्षक बालोद किरण गंगाराम चव्हाण के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चन्द्रकांत गवर्ना तथा एसडीओपी बालोद विनय साहू के मार्गदर्शन में जिले में अवैध गतिविधियों और नशीले पदार्थों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
इसी सिलसिले में 27 अक्टूबर 2026 को थाना बालोद के निरीक्षक शिशुपाल सिन्हा को मुखबिर से विशेष सूचना मिली कि तांदुला नदी किनारे रामघाट मंदिर के पास कुछ संदिग्ध व्यक्ति दोपहिया वाहनों में अवैध रूप से प्रतिबंधित नशीली दवाइयों की बड़ी खेप खपाने और बिक्री करने की फिराक में हैं। सूचना मिलते ही तत्परता दिखाते हुए थाना बालोद और एएनटीएफ बालोद की संयुक्त पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर घेराबंदी कर दबिश दी।

तीन आरोपी गिरफ्तार, उड़ीसा कनेक्शन आया सामने
पुलिस टीम ने मौके से तीन संदिग्ध तस्करों को रंगे हाथों दबोचा। पकड़े गए आरोपियों की पहचान नवीन चावला, आशीष निर्मलकर और किशन बहादुर उर्फ नेपाली के रूप में हुई है। पूछताछ और शुरुआती जांच में यह बात सामने आई कि ये नशीली गोलियां विशेष तौर पर भुवनेश्वर (ओडिशा) से लाई जा रही थीं, जिन्हें स्थानीय स्तर पर और आसपास के इलाकों में सप्लाई किया जाना था।

लाखों की जब्ती का विस्तृत विवरण
पुलिस द्वारा मौके पर की गई सघन तलाशी और जब्ती की कार्रवाई का विवरण इस प्रकार है:
- प्रतिबंधित नशीली दवा : Nitrosun-10 (Nitrazepam Tablets IP) की कुल 1,500 गोलियां (कुल वजन लगभग 870 ग्राम), जिसकी अनुमानित कीमत 6,00,000 रुपए है।
- नगदी रकम : अवैध कारोबार से जुड़े 15,000 रुपए नकद।
- वाहन : एक हीरो स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल (पंजीयन क्रमांक सीजी 05 एयू 3540, कीमत करीब 30,000 रुपए) और एक होंडा एक्टिवा स्कूटी (पंजीयन क्रमांक सीजी 24 डब्ल्यू 3471, कीमत करीब 50,000 रुपए)।
- अन्य सामग्री : आरोपियों के पास से जप्त मोबाइल फोन, जिनका पूरा विवरण एफआईआर में दर्ज है।
इस प्रकार कुल 7,15,000 रुपए मूल्य की अवैध नशीली सामग्री पुलिस ने अपने कब्जे में ली है।
एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज और पुलिस की अपील
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना बालोद में अपराध क्रमांक 0574/2026, एनडीपीएस अधिनियम, 1985 की धारा 22(ग) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया गया है। पुलिस अब इस बात की गहराई से छानबीन कर रही है कि इस नेटवर्क के तार और कहां-कहां जुड़े हैं तथा इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन लोग संलिप्त हैं।
इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने में निरीक्षक शिशुपाल सिन्हा, साइबर सेल प्रभारी व सहायक उप निरीक्षक धरम भूआर्य तथा आरक्षक बनवाली साहू, संजय सोनी, चुलेंद्र कुर्रे, विपिन गुप्ता, भोप सिंग साहू, राहुल, पूरन, मिथलेश, योगेश समेत एएनटीएफ की पूरी टीम की भूमिका बेहद सराहनीय रही।
बालोद पुलिस ने क्षेत्र के आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके आसपास कहीं भी नशीली दवाइयों के अवैध कारोबार या किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। पुलिस ने लोगों से आग्रह किया है कि वे खुद भी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक रहें और युवाओं को भी इससे दूर रहने के लिए प्रेरित करें।




