छत्तीसगढ़ पर चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का कड़ा प्रहार : 5 जिलों में रेड अलर्ट, स्कूल बंद, 56 ट्रेनें रद्द; 90 किमी/घंटे की रफ्तार से उठ सकता है बवंडर…

रायपुर। आंध्र प्रदेश और यानम तट के करीब पहुंचे विनाशकारी चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ ने छत्तीसगढ़ में अपना प्रचंड असर दिखाना शुरू कर दिया है। राजधानी रायपुर समेत समूचा प्रदेश बुधवार को समुद्र से आई बर्फीली और नम हवाओं की चपेट में आ गया। बस्तर से लेकर उत्तर छत्तीसगढ़ तक घने बादलों का डेरा है और तेज बौछारों के साथ पारा अचानक धड़ाम हो गया है। मौसम विभाग (IMD) ने अगले 48 घंटों के लिए राज्य भर में भारी से बेहद भारी बारिश, आकाशीय बिजली (वज्रपात) और 60 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने की गंभीर चेतावनी जारी की है।
हालात की गंभीरता को देखते हुए कई जिलों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं, जबकि रेल प्रशासन ने दर्जनों ट्रेनों के पहिए रोक दिए हैं। आपदा प्रबंधन और जिला प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
अलर्ट का नक्शा : कहां कितना खतरा? – मौसम विभाग ने 28 और 29 अक्टूबर के लिए प्रदेश को तीन सुरक्षा श्रेणियों (Red, Orange, Yellow) में बांटकर हाई अलर्ट जारी किया है:
28 अक्टूबर का अलर्ट (दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ में तांडव)
- रेड अलर्ट (अत्यधिक भारी बारिश व तूफान): बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर और कोंडागांव।
- ऑरेंज अलर्ट (भारी बारिश व वज्रपात): रायपुर, दुर्ग, बालोद, बेमेतरा, राजनांदगांव, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, कांकेर, बलौदाबाजार, गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद, मुंगेली और सारंगढ़-बिलाईगढ़।
- येलो अलर्ट (मध्यम से भारी बारिश): बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़, जांजगीर-चांपा, सरगुजा, जशपुर, कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर, नारायणपुर आदि।
29 अक्टूबर का अलर्ट (उत्तर छत्तीसगढ़ की ओर रुख)
तूफान का मुख्य केंद्र 29 अक्टूबर को उत्तर छत्तीसगढ़ की ओर शिफ्ट होगा।
- रेड अलर्ट: कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, सूरजपुर और बलरामपुर।
- ऑरेंज अलर्ट: बिलासपुर, कोरबा, मुंगेली, जांजगीर-चांपा और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही।
- येलो अलर्ट: रायपुर, दुर्ग, बस्तर समेत शेष समस्त जिले।
रायपुर का मिजाज : घने बादल और गिरता पारा – राजधानी रायपुर में बुधवार को आसमान पूरी तरह से बादलों से ढका रहेगा। दिन भर रुक-रुक कर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने के आसार हैं। तूफान के कारण अधिकतम तापमान गिरकर 26°C और न्यूनतम तापमान 22°C रहने का अनुमान है। बीते 24 घंटों में प्रदेश में सबसे कम तापमान अंबिकापुर में 13.4°C दर्ज किया गया।
जनजीवन पर बड़ा असर : स्कूल बंद, बस्तियां खाली
- कलेक्टरों को विशेषाधिकार: स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों को स्थिति के अनुसार शासकीय एवं अशासकीय स्कूलों में छुट्टियां घोषित करने के निर्देश दिए हैं।
- इन जिलों में अवकाश: कांकेर, कोंडागांव, सुकमा और गरियाबंद जिलों के सभी स्कूलों में सुरक्षा के मद्देनजर एक दिन का अवकाश घोषित कर दिया गया है।
- राहत शिविर सक्रिय: कांकेर में झुग्गी-बस्तियों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थानों एवं राहत शिविरों में शिफ्ट किया जा रहा है, जहां भोजन और चिकित्सकीय सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं।
रेल यातायात ठप : 56 ट्रेनें रद्द, केके लाइन प्रभावित – चक्रवात के खौफ का सीधा असर रेल संचालन पर पड़ा है:
- दक्षिण तट रेलवे (South Coast Railway) ने 56 ट्रेन सेवाओं को रद्द या पुनर्निर्धारित (Rescheduled) किया है।
- 15 ट्रेनों के समय में बदलाव किया गया है।
- केके (कोत्तावलसा-किरंदुल) लाइन पर परिचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। रेलवे ने 27 से 29 अक्टूबर तक आपातकालीन नियंत्रण कक्ष (Emergency Control Rooms) सक्रिय कर दिए हैं। यात्रियों को स्टेशन निकलने से पहले 139 पर ट्रेन की स्थिति जांचने की सलाह दी गई है।
प्रशासन की अपील और सावधानियां –
- गैर-जरूरी यात्रा से बचें: 60 से 80 किमी/घंटे (अधिकतम 90 किमी/घंटे) की हवाओं में पेड़ों और बिजली के खंभों के गिरने का खतरा है।
- वज्रपात से बचाव: बारिश और बिजली चमकने के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों या लोहे के ढांचों के नीचे शरण न लें।
- हेल्पलाइन पर संपर्क करें: निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति में तुरंत स्थानीय आपदा नियंत्रण कक्ष को सूचित करें।




