बालोद में ‘जबर हरेली’ के बाद गरजी ‘जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी’
अमित बघेल और अजय यादव ने स्मार्ट मीटर, महंगाई व शिक्षा नीति पर सरकार को घेरा; गुंडरदेही मामले में FIR की मांग

फिरोज अहमद खान (पत्रकार)
बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में बीते रविवार को आयोजित भव्य ‘जबर हरेली’ रैली के पश्चात सरदार वल्लभ भाई पटेल मैदान में आयोजित एक विशाल रात्रिकालीन सांस्कृतिक मंच से जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी और छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के प्रमुख नेताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जोरदार हुंकार भरी। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष अमित बघेल तथा छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अजय यादव ने राज्य सरकार की प्रशासनिक नीतियों, लगातार बढ़ती महंगाई, स्मार्ट मीटर योजना की विसंगतियों और खस्ताहाल शिक्षा व्यवस्था को लेकर सत्ता पक्ष पर करारे तीखे हमले किए। इसके अलावा, हाल ही में गुंडरदेही क्षेत्र में सीसी रोड निर्माण के दौरान एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के साथ हुए गाली-गलौज व विवाद के वायरल वीडियो का मुद्दा भी मंच से प्रमुखता से उठाया गया और आरोपियों के खिलाफ सख्त पुलिस कार्रवाई की पुरजोर मांग की गई।

दिल्ली के निर्देश पर संचालित हो रही राज्य सरकार: अमित बघेल
जनसभा को संबोधित करते हुए जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के केंद्रीय प्रमुख अमित बघेल ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ सरकार का नियंत्रण स्थानीय हाथों में न होकर दिल्ली के इशारों पर हो रहा है। उन्होंने देश व प्रदेश के संसाधनों का उदाहरण देते हुए कहा कि पेट्रोल पंपों से लेकर रेलवे और स्मार्ट मीटर जैसे बुनियादी क्षेत्रों तक में निजी कॉर्पोरेट समूहों का प्रभुत्व स्थापित किया जा रहा है, जो कि जनहित के सर्वथा विपरीत है। बघेल ने कड़े शब्दों में कहा कि इतिहास गवाह है कि अंग्रेजों के शासनकाल से भी अधिक आर्थिक और सामाजिक नुकसान वर्तमान की सत्तावादी नीतियों से प्रदेश की जनता को उठाना पड़ रहा है।
अपने राजनीतिक दृष्टिकोण को स्पष्ट करते हुए अमित बघेल ने कहा कि उनकी व्यक्तिगत तौर पर विधायक, मंत्री या सांसद बनने की कोई लिप्सा नहीं है। उनका एकमात्र ध्येय और प्राथमिकता छत्तीसगढ़ के स्थानीय युवाओं, माटी पुत्रों और छत्तीसगढ़िया विचारधारा से जुड़े सजग नागरिकों को राज्य की विधानसभा और संसद तक पहुंचाना है, ताकि प्रदेश की वास्तविक आवाज को उचित प्रतिनिधित्व मिल सके।
शिक्षकों की कमी पर गांव-गांव से जानकारी जुटाने और उग्र आंदोलन की घोषणा
शिक्षा व्यवस्था के गिरते स्तर पर चिंता व्यक्त करते हुए अमित बघेल ने उपस्थित कार्यकर्ताओं और क्षेत्र के युवाओं का आह्वान किया कि वे अपने-अपने ग्रामीण इलाकों के शासकीय स्कूलों की वस्तुस्थिति का सर्वेक्षण करें। उन्होंने निर्देश दिया कि जिस भी गांव के स्कूल में अध्यापकों के पद रिक्त हैं या जहां विद्यार्थियों की संख्या के अनुपात में शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं, वहां से पूरा आंकड़ा एकत्र कर संगठन के जिलाध्यक्षों व पदाधिकारियों को सौंपें। बघेल ने चेतावनी दी कि इन आंकड़ों के आधार पर संगठन प्रदेश स्तर पर एक व्यापक और निर्णायक आंदोलन खड़ा करेगा, जिससे बदहाल शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए सरकार को विवश किया जा सके। उन्होंने कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि एक जागरूक और जीवंत समाज पांच वर्षों तक चुनाव आने का मूकदर्शक बनकर इंतजार नहीं करता, बल्कि अपने अधिकारों के लिए सतत संघर्ष करता है।

एक हाथ से राहत, दूसरे हाथ से जेब तराश रही सरकार: डॉ. अजय यादव
छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अजय यादव ने राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की आड़ में बढ़ रही महंगाई पर सीधा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि सरकार की वर्तमान आर्थिक नीतियां छल-कपट से भरी हैं; एक तरफ सरकार लोकलुभावन योजनाओं के जरिए आम जनता के खातों में नाममात्र की राशि अंतरित करती है, वहीं दूसरी तरफ पेट्रोल, डीजल, शक्कर और खाद्य सामग्रियों जैसी दैनिक उपभोग की वस्तुओं के दाम बेतहाशा बढ़ाकर दोगुनी रकम वापस खींच लेती है। उन्होंने सवाल उठाया कि जनता से महंगाई के विरुद्ध आवाज उठाने का लोकतांत्रिक अधिकार भी धीरे-धीरे छीना जा रहा है।
डॉ. यादव ने शिक्षा के गिरते मानकों पर तंज कसते हुए कहा कि आज प्राथमिक व माध्यमिक शालाओं के बच्चे सही ढंग से अपना नाम तक लिखने में असमर्थ हैं। ऐसे में सरकार द्वारा दी जाने वाली छोटी-मोटी वित्तीय सहायता से खुश होने के बजाय अभिभावकों को अपने बच्चों के अंधकारमय भविष्य पर गंभीर चिंतन करना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने स्मार्ट मीटर योजना को आम उपभोक्ताओं का शोषण करने वाला एक नया वित्तीय हथियार करार दिया।
जनहित की आवाज दबाने और जेल भेजने का आरोप
डॉ. अजय यादव ने सरकार पर दमनकारी नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब भी कोई छत्तीसगढ़िया नागरिक अपने पूर्वजों के सम्मान, अस्मिता और अधिकारों के पक्ष में आवाज उठाता है या शासकीय विफलताओं को उजागर करता है, तो प्रशासन उसे दबाने और जेल भेजने का हथकंडा अपनाता है।

गुंडरदेही के वायरल वीडियो मामले में FIR की सख्त मांग
सांस्कृतिक मंच से गुंडरदेही में सीसी रोड निर्माण कार्य के दौरान घटित उस चर्चित घटना का भी कड़ा संज्ञान लिया गया, जिसमें एक स्थानीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के साथ दुर्व्यवहार और गाली-गलौज की गई थी। डॉ. अजय यादव ने पार्टी कार्यकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे तत्काल गुंडरदेही थाना पहुंचकर इस मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने हेतु दबाव बनाएं। उन्होंने दो-टूक कहा कि किसी भी स्थिति में किसी भी छत्तीसगढ़िया स्वाभिमानी नागरिक के साथ किया गया दुर्व्यवहार और अपमानजनक व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
स्थानीय संसाधनों पर बाहरी नियंत्रण और घटते रोजगार: शशिभूषण चंद्राकर
कार्यक्रम में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रदेश सचिव शशिभूषण चंद्राकर ने भी मंच संभाला और राज्य के आर्थिक व शैक्षणिक पिछड़ेपन पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती से पूरे देश को जल, खनिज, बिजली और गुणवत्तापूर्ण लोहा आपूर्ति किया जा रहा है, किंतु इसके बदले यहां के स्थानीय युवाओं को केवल बेरोजगारी और उपेक्षा ही मिल रही है। आउटसोर्सिंग नीतियों की कड़ी आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में बेहतर शिक्षा सुविधाओं के अभाव के कारण यहां का युवा पिछड़ रहा है और रोजगार के अधिकांश सुनहरे अवसर बाहरी लोगों को परोसे जा रहे हैं।
विशाल जनसमुदाय और प्रमुख कार्यकर्ताओं की गरिमामयी उपस्थिति
इस वृहद राजनीतिक व सांस्कृतिक आयोजन में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी और क्रांति सेना के शीर्ष व स्थानीय पदाधिकारियों की भारी उपस्थिति रही। मंच पर क्रांति सेना के जिलाध्यक्ष खोमन साहू, जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के जिलाध्यक्ष गंगा निषाद सहित डी. देशमुख, जीतू साहू, नरेंद्र साहू, केदार साहू, खेमलाल, चम्मन साहू, हरिशंकर साहू, दानी साहू, कामता साहू, टिकेश्वर, राहुल साहू, ईमलेश साहू, दीपक सहारे, उत्तम यादव, रूपेश सोनबोइर, ईशा ठाकुर तथा बादशाह चंद्राकर जैसे अनेक प्रमुख नेता उपस्थित थे। कार्यक्रम में देर रात तक हजारों की संख्या में कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों का हुजूम जुटा रहा, जिसने इस आयोजन को बेहद प्रभावशाली बना दिया।




