जशपुर जिले में न्यायपालिका की बड़ी कार्रवाई : पाॅक्सो और एससी/एसटी मामलों में तीन आरोपियों को कठोर कारावास की सजा…

जशपुर। पुलिस की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति, त्वरित वैज्ञानिक विवेचना और सशक्त अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के चलते जिले के न्यायलयों ने महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध हुए गंभीर अपराधों के मामलों में तीन अलग-अलग ऐतिहासिक फैसले सुनाए हैं। इन मामलों में दोषियों को 20 वर्ष के सश्रम कारावास, आजीवन कारावास और 7 वर्ष के कारावास की सजा से दंडित किया गया है।
विस्तृत मामलों का विवरण :
मामला 1 . मूक-बधिर दिव्यांग बालिका से दुष्कर्म मामले में 20 वर्ष का सश्रम कारावास
- थाना क्षेत्र : फरसाबहार (अपराध क्रमांक: 56/2024)
- आरोपी : गजाधर पैंकरा (उम्र 62 वर्ष), निवासी- बनगांव कनवारबस्ती, थाना फरसाबहार।
- घटना का विवरण : दिनांक 14 सितंबर 2024 को 13 वर्षीय मूक-बधिर दिव्यांग बालिका घर से बाहर गई थी। गांव के ही आरोपी गजाधर पैंकरा ने उसकी असहाय स्थिति का फायदा उठाकर उसे बहला-फुसलाकर सुनसान स्थान पर ले जाकर दुष्कर्म किया था। घर लौटने पर पीड़िता के व्यवहार में बदलाव देखकर परिजनों ने सांकेतिक संवाद से पूरी बात समझी और तुरंत थाना फरसाबहार में रिपोर्ट दर्ज कराई।
- न्यायालय का निर्णय : विशेष न्यायाधीश (पाॅक्सो) कुनकुरी, श्री भानूप्रताप सिंह त्यागी ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64(2)(ट) एवं पाॅक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत आरोपी को दोषी मानते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास एवं ₹1,000 के अर्थदंड की सजा सुनाई है। साथ ही पीड़िता को शासन की पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना के तहत मुआवजा देने के निर्देश दिए गए हैं।
- विवेचना अधिकारी : उप निरीक्षक सुरजन राम पोर्ते एवं स.उ.नि. प्रेमिका खलखो।
मामला 2 . नाबालिग से लंबे समय तक लैंगिक उत्पीड़न: मात्र ढाई महीने में आया ऐतिहासिक फैसला, आरोपी को आजीवन कारावास
- थाना क्षेत्र : कांसाबेल (अपराध क्रमांक: 75/2026)
- आरोपी : कलेश्वर राम विश्वकर्मा (उम्र 45 वर्ष), निवासी- तुतटोली घोघर, थाना कांसाबेल।
- घटना का विवरण : आरोपी लंबे समय से नाबालिग बालिका का लैंगिक उत्पीड़न कर रहा था। दिनांक 29 अप्रैल 2026 को जब आरोपी ने दोबारा अपराध का प्रयास किया, तब पीड़िता के भाई ने विरोध किया। आरोपी ने दोनों के साथ मारपीट की जिसके बाद परिजनों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मात्र 46 दिनों के भीतर विवेचना पूर्ण कर 17 जून 2026 को चार्जशीट कोर्ट में पेश कर दी थी।
- न्यायालय का निर्णय : विशेष पाॅक्सो न्यायालय (अपर सत्र न्यायाधीश) जशपुर, श्री जनार्दन खरे ने दिनांक 23 जुलाई 2026 को निर्णय सुनाते हुए आरोपी को आजीवन कारावास और अन्य गंभीर दंड से दंडित किया। साथ ही पीड़िता को विक्टिम कंपनसेशन (पीड़ित क्षतिपूर्ति) दिए जाने का भी आदेश दिया। यह मामला नए आपराधिक कानूनों के तहत सबसे तेज गति से मिलने वाले न्याय का उत्कृष्ट उदाहरण है।
- विवेचना अधिकारी : निरीक्षक जितेन्द्र ताम्रकार।
मामला 3 . विवाह का झूठा झांसा देकर शारीरिक शोषण करने वाले आरोपी को 7 वर्ष का सश्रम कारावास
- थाना क्षेत्र : कुनकुरी (अपराध क्रमांक: 169/2025)
- आरोपी : मनोज कुमार पाण्डेय (उम्र 43/44 वर्ष), निवासी- बाराकाल, जिला सतना (म.प्र.)।
- घटना का विवरण : वर्ष 2024 में निजी कंपनी में काम करने के दौरान आरोपी की पहचान पीड़िता से हुई। खुद को अविवाहित बताकर आरोपी ने विवाह का झूठा झांसा दिया और 07 मार्च 2024 से 08 मई 2025 के बीच कुनकुरी व राजनांदगांव में कई बार शारीरिक संबंध बनाए। पीड़िता से एक बच्चा भी हुआ। बाद में जब पीड़िता को पता चला कि आरोपी पहले से विवाहित है और उसने विवाह से इंकार कर दिया, तो पीड़िता ने थाने में मामला दर्ज कराया।
- न्यायालय का निर्णय : विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) जशपुर, श्री सत्येन्द्र कुमार साहू ने आरोपी मनोज कुमार पाण्डेय को भारतीय न्याय संहिता की धारा 69 के तहत 07 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹1,000 अर्थदंड तथा एससी/एसटी एक्ट की धारा के तहत 03 माह के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
- विवेचना अधिकारी : उप पुलिस अधीक्षक श्री भावेश समरथ।
पुलिस प्रशासन की दो टूक चेतावनी : जशपुर के डीआईजी एवं एसएसपी डाॅ. लाल उमेद सिंह ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा है कि जशपुर पुलिस महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों के मामलों में ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) की नीति पर पूरी सख्ती से काम कर रही है। त्वरित रिपोर्टिंग, वैज्ञानिक साक्ष्यों का संकलन और मजबूत कोर्ट पै पैरवी के जरिए अपराधियों को कम से कम समय में कड़ी सजा दिलाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।




