ऑपरेशन शंखनाद : जशपुर पुलिस का कड़ा प्रहार, गौ-तस्करी की कोशिश नाकाम; 12 मवेशी मुक्त, तस्कर सलाखों के पीछे…

जशपुर। जशपुर पुलिस ने गौ-तस्करी के विरुद्ध अपने अभियान ‘ऑपरेशन शंखनाद’ के तहत एक और बड़ी सफलता हासिल की है। मनोरा चौकी पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए झारखंड ले जाए जा रहे 12 नग गौ-वंशों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया है। इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
पगडंडियों के रास्ते झारखंड भेजने की थी तैयारी : जानकारी के अनुसार, 20 अप्रैल की शाम मनोरा पुलिस को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली कि ग्राम बड़ा टेम्पु के ‘लेटे झरिया नाला’ के पास पगडंडी वाले रास्ते से मवेशियों की तस्करी की जा रही है। एक व्यक्ति मवेशियों को बेरहमी से मारते-पीटते हुए पैदल ही जंगल के रास्ते झारखंड की सीमा में प्रवेश कराने की फिराक में है।
घेराबंदी कर पुलिस ने दबोचा : सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में मनोरा चौकी पुलिस और ग्रामीणों की टीम ने मौके पर दबिश दी। पुलिस को देखते ही आरोपी दुर्योधन भगत (40 वर्ष) ने भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे धर दबोचा। आरोपी के पास से बरामद 12 नग गौ-वंशों के संबंध में वह कोई भी वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सका।
सख्त धाराओं के तहत कार्रवाई – पुलिस ने आरोपी के खिलाफ निम्नलिखित कड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है:
- छ.ग. कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 : धारा 4, 6, 10
- पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 : धारा 11 (1)(क)(घ)
बरामद किए गए सभी मवेशियों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया है। आरोपी को 21 अप्रैल को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
“गौ-तस्करी के खिलाफ जशपुर पुलिस अत्यंत सजग और जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। जिले में गौ-तस्करी में संलिप्त किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। ‘ऑपरेशन शंखनाद’ के तहत हमारी पैनी नजर हर संदिग्ध गतिविधि पर है।”
डॉ. लाल उमेद सिंह (DIG एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, जशपुर)
इनकी रही मुख्य भूमिका : इस सफल कार्यवाही में चौकी प्रभारी मनोरा दिनेश पुरैना, एएसआई शांति प्रमोद टोप्पो, प्रधान आरक्षक वितीन कुमार भगत, आरक्षक शैलेन्द्र तोमर और रवि पैंकरा का विशेष योगदान रहा।




