मौत का ‘हाई-वोल्टेज’ जाल: सूरजपुर में बिजली विभाग की अनदेखी से खत्म हुआ भालुओं का पूरा परिवार…

सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से एक ऐसा दर्दनाक और झकझोर देने वाला वाकया सामने आया है, जो सीधे तौर पर बिजली विभाग की कार्यप्रणाली और ‘सिस्टम’ की घोर लापरवाही की गवाही दे रहा है। प्रतापपुर वन परिक्षेत्र के झिंगरामाड़ा जंगल में हाई-वोल्टेज बिजली के तारों ने एक झटके में भालुओं के पूरे परिवार को मौत की नींद सुला दिया।
इस खौफनाक हादसे के मुख्य बिंदु :
- बेजुबानों की बलि : करंट की चपेट में आकर जान गंवाने वालों में एक नर, एक मादा और उनका मासूम शावक शामिल है।
- घटनास्थल : पार्वतीपुर ग्राम पंचायत के कक्ष क्रमांक पी-17 स्थित झिंगरामाड़ा का जंगल।
- मौत की असल वजह : जंगल के बीच से गुजर रही हाई-टेंशन लाइन का टूटा हुआ जानलेवा तार।
कैसे हुआ यह मौत का तांडव? – जानकारी के मुताबिक, जंगल से होकर गुजर रही उच्च क्षमता वाली विद्युत लाइन का तार काफी समय से टूटकर जमीन पर गिरा हुआ था। भोजन और पानी की तलाश में अपने मासूम शावक के साथ निकला भालुओं का यह परिवार इस बात से पूरी तरह बेखबर था कि आगे मौत उनका इंतजार कर रही है। जैसे ही बेजुबान इस टूटे हुए तार के संपर्क में आए, तेज हाई-वोल्टेज करंट ने पल भर में तीनों की जान ले ली।
ग्रामीणों का फूटा गुस्सा: आखिर कौन लेगा जिम्मेदारी? – इस दर्दनाक हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों में बिजली विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने सीधे तौर पर विभाग को कटघरे में खड़ा करते हुए तीखे सवाल दागे हैं:
- क्या जंगलों से गुजरने वाली इन जानलेवा तारों की नियमित मॉनिटरिंग और मेंटेनेंस नहीं होनी चाहिए?
- यदि समय रहते इस टूटे तार की सूचना ली जाती और मरम्मत कर दी जाती, तो क्या इन तीन वन्यजीवों की जान नहीं बच जाती?
वन्यजीव प्रेमियों में चिंता और आक्रोश – इस हृदयविदारक घटना ने पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े संगठनों को भी आक्रोशित कर दिया है। संगठनों की दो-टूक मांग है कि वन और बिजली विभाग के बीच का यह ‘जानलेवा मिसमैनेजमेंट’ तुरंत खत्म होना चाहिए। सुरक्षा मानकों को इतनी सख्ती से लागू किया जाए कि भविष्य में कोई और वन्यजीव इस तरह की लापरवाही का शिकार न बने।
जांच के नाम पर रस्म-अदायगी या होगी सख्त कार्रवाई? – हादसे की सूचना मिलते ही वन विभाग का अमला मौके पर पहुंचा और पंचनामा कर मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर यह तय किया जाएगा कि विद्युत लाइन के रखरखाव में किसकी लापरवाही थी।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है: क्या इस घोर लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कोई सख्त एक्शन होगा, या फिर तीन बेजुबानों की मौत का यह मामला भी जांच की फाइलों में दबकर रह जाएगा?




