सूरजपुर में खूनी संघर्ष : SECL भूमि अधिग्रहण विवाद में उग्र ग्रामीणों का हमला, डीएसपी समेत 24 से ज्यादा जवान लहूलुहान, इलाका छावनी में तब्दील…

सूरजपुर। जिले में एसईसीएल (SECL) के भूमि अधिग्रहण का विरोध शुक्रवार को खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया। प्रतापपुर थाना क्षेत्र के मदननगर-धरमपुर इलाके में आरोपियों की गिरफ्तारी और बलपूर्वक कार्रवाई के लिए पहुंची पुलिस टीम पर आक्रोशित ग्रामीणों ने सुनियोजित तरीके से खूनी हमला कर दिया। इस अंधाधुंध पथराव में डीएसपी राजेश जोशी सहित 24 से अधिक पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। कई जवानों के सिर फटे हैं और शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं, जिनमें कई महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। इस सनसनीखेज घटना के बाद से पूरा इलाका रणक्षेत्र में तब्दील हो गया है और चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
सुलगती चिंगारी: क्या है पूरा विवाद? – प्रतापपुर क्षेत्र के मदननगर-धरमपुर इलाके में एसईसीएल की कोयला परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है, जिसको लेकर स्थानीय ग्रामीणों और प्रशासन के बीच महीनों से तनाव की स्थिति बनी हुई थी।
- मुआवजे पर अड़े ग्रामीण : ग्रामीणों का विरोध इस बात पर है कि उन्हें पैसे के रूप में मुआवजा नहीं चाहिए। उनकी स्पष्ट मांग है कि उन्हें ‘नकद मुआवजे के बदले दूसरी जगह जमीन दी जाए’।
- बंधक कांड से भड़की आग : कुछ दिन पहले जब एसईसीएल और प्रशासन की सर्वे टीम मौके पर अपनी कार्रवाई करने पहुंची थी, तो उग्र ग्रामीणों ने न सिर्फ विरोध किया बल्कि पूरी सर्वे टीम को ही बंधक बना लिया था।
- गिरफ्तारी बनी हिंसक टकराव की वजह : इसी सर्वे टीम को बंधक बनाने और सरकारी काम में बाधा डालने के गंभीर मामलों में नामजद आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए शुक्रवार को भारी पुलिस बल धरमपुर पहुंचा था। पुलिस जैसे ही आरोपियों को शिकंजे में लेने आगे बढ़ी, देखते ही देखते सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण गोलबंद होकर मौके पर आ गए और कार्रवाई का पुरजोर विरोध शुरू कर दिया।
देखते ही देखते जंग का मैदान बना मदननगर-धरमपुर – ग्रामीणों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। जब पुलिस ने कानून का पालन कराते हुए पीछे हटने से इनकार किया, तो उग्र भीड़ ने छतों और रास्तों से पुलिस बल पर पत्थरों की भारी बारिश शुरू कर दी। अचानक हुए इस सुनियोजित और ताबड़तोड़ पथराव से मौके पर अफरातफरी मच गई। पुलिसकर्मियों को संभलने या बचाव करने का मौका तक नहीं मिला।
- लहू-लुहान हुए जवान : इस खूनी पथराव में कई जवानों के सिर पर गंभीर वार किए गए, जिससे वे लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़े।
- अस्पताल में आपातकालीन उपचार : घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में अतिरिक्त वाहन भेजकर सभी घायल पुलिसकर्मियों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज युद्ध स्तर पर जारी है।
इलाके में हाई अलर्ट : छावनी में बदला क्षेत्र – इस सनसनीखेज वारदात के बाद सूरजपुर जिले के प्रतापपुर इलाके में तनाव अपने चरम पर है। स्थिति की नजाकत को भांपते हुए प्रशासन ने सूरजपुर के अलावा आसपास के जिलों से भी भारी पुलिस बल और दंगा नियंत्रण वाहनों को तुरंत मौके के लिए रवाना कर दिया। पूरा मदननगर-धरमपुर क्षेत्र इस वक्त पुलिस छावनी में तब्दील हो चुका है।
जिला प्रशासन और पुलिस के तमाम वरिष्ठ अधिकारी खुद मौके पर कैंप कर रहे हैं और हर एक गतिविधि पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।
पुलिस प्रशासन का कड़ा रुख : “भूमि अधिग्रहण के विवाद के दौरान ग्रामीणों द्वारा कानून को हाथ में लेते हुए पुलिस टीम पर कायरतापूर्ण पथराव किया गया है। इस घटना में हमारे 24 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। सर्वे टीम को बंधक बनाने के मुख्य मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। बाकी उपद्रवियों और हमलावरों की पहचान कर उनकी ताबड़तोड़ धरपकड़ की जा रही है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।”
योगेश देवांगन, एएसपी, सूरजपुर




