बिलासपुर रेंज IG राम गोपाल गर्ग के तेवर सख्त : पेंडिंग केस निपटाओ या कार्रवाई झेलने को तैयार रहो!…

बिलासपुर। कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने और आम जनता को पुलिसिया कार्रवाई का त्वरित लाभ दिलाने के लिए बिलासपुर रेंज के आईजी श्री राम गोपाल गर्ग फुल एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। बुधवार को रेंज के सभी जिला कप्तानों (SP) के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई समीक्षा बैठक में आईजी ने स्पष्ट कर दिया कि “काम में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
’सुशासन तिहार’ पर फोकस : शिकायतों का होगा फौरन निपटारा – 1 मई से 10 जून तक चलने वाले ‘सुशासन तिहार’ को लेकर आईजी ने सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस दौरान शासन के पास पहुंचने वाली हर शिकायत पुलिस की ‘टॉप प्रायोरिटी’ होनी चाहिए। जनता को शासन की मंशा के अनुरूप न्याय मिलना सुनिश्चित किया जाए।
2374 मर्ग फाइलों पर गिरेगी गाज – रेंज में लंबित पड़े 2374 मर्ग प्रकरणों (खासकर 2024 से पहले के मामले) पर आईजी ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने आदेश दिया कि इन पुरानी फाइलों को तत्काल बंद किया जाए।
- हत्या के मामलों में निर्देश : डीएनए (DNA) जांच और एफएसएल (FSL) रिपोर्ट को प्राथमिकता पर मंगाकर विवेचना पूरी करने को कहा गया है।
पासपोर्ट के लिए अब नहीं काटने होंगे थाने के चक्कर! – आम नागरिकों के लिए सबसे बड़ी राहत की खबर पासपोर्ट सत्यापन को लेकर है। आईजी गर्ग ने निर्देश दिया है कि:
- पासपोर्ट वेरिफिकेशन का काम 15 दिनों के भीतर ऑनलाइन अनिवार्य रूप से पूरा हो।
- नागरिकों को अनावश्यक रूप से थाने बुलाना बंद करें।
- भौतिक दस्तावेज सत्यापन (Physical Verification) की पुरानी और जटिल बाध्यता को खत्म कर प्रक्रिया को सरल बनाएं।
हाइवे और माइनिंग क्षेत्रों में ‘जीरो टॉलरेंस’ – बैठक में सुरक्षा के लिहाज से माइनिंग एरिया में काम करने वाले बाहरी लोगों की मुसाफिरी दर्ज करने और हाइवे पेट्रोलिंग को और ज्यादा प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए। साथ ही, दूसरे राज्यों में रेड करने जाने वाली पुलिस टीमों को निर्धारित प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने की हिदायत दी गई।
बैठक में ये रहे मौजूद : वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में रायगढ़ SSP शशि मोहन सिंह, मुंगेली SSP भोजराम पटेल सहित कोरबा, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़, जांजगीर-चाम्पा के पुलिस अधीक्षक और बिलासपुर की एडिशनल एसपी मधुलिका सिंह उपस्थित रहीं।
आईजी का संदेश साफ है : पुलिस का चेहरा मददगार हो, लेकिन अपराधियों और पेंडिंग फाइलों के लिए पुलिस का रवैया बेहद सख्त रहेगा।




