रायगढ़

घरघोड़ा : वर्दी पर प्रहार! जंगल बचाने गए डिप्टी रेंजर और गार्ड पर कुल्हाड़ी से हमला, भागकर बचाई जान… FIR दर्ज…

रायगढ़। शासन और प्रशासन की नाक के नीचे जंगल की जमीन को पोकलेन मशीनों से समतल किया जा रहा है, और जब सरकारी मुलाजिम अपना फर्ज निभाने पहुंचे, तो उन पर टांगी (कुल्हाड़ी) और लाठियों से हमला कर दिया गया।

शासकीय कार्यों में बाधा और लोक सेवकों पर हमले की यह सनसनीखेज वारदात 13 अप्रैल 2026 की दोपहर करीब 3:00 बजे की है। चिमटापानी परिक्षेत्र के डिप्टी रेंजर विजय कुमार मिंज (54 वर्ष) और वन रक्षक सुभाष कुमार कर्ष चोटीगुड़ा बीट के कक्ष क्रमांक 1348 (PF) ग्राम बिच्छीनारा में गश्त पर थे।

पोकलेन मशीन से उजाड़ा जा रहा था जंगल : गश्त के दौरान वनकर्मियों ने देखा कि बड़ी संख्या में ग्रामीण पोकलेन मशीन लगाकर जंगल की जमीन को साफ कर रहे थे और बेशकीमती पेड़-पौधों को नष्ट कर रहे थे। जब डिप्टी रेंजर ने उनसे इस कार्य की अनुमति के बारे में पूछा और अतिक्रमण न करने की समझाइश दी, तो ग्रामीण उग्र हो गए। ग्रामीणों का कहना था :

“हमारी जमीन को NTPC ने अधिग्रहित कर लिया है, अब हम लोग कहां रहेंगे? इसलिए हम इस जंगल की जमीन पर अपना मकान बनाकर रहेंगे।”

कुल्हाड़ी-डंडा लेकर वनकर्मियों को दौड़ाया – अधिकारियों ने जब अवैध कब्जे का विरोध किया, तो दयाराम चौहान, रामप्रसाद सारथी और परखित उरांव समेत दर्जनों ग्रामीणों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। आरोप है कि ये लोग टांगी (कुल्हाड़ी) और डंडे लेकर वनकर्मियों पर टूट पड़े और उन्हें जान से मारने की धमकी देते हुए दौड़ाने लगे। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि वनकर्मियों को अपनी जान बचाने के लिए वहां से भागना पड़ा। बाद में बुलाए गए वन रक्षक सुरेंद्र सिंह सिदार की बात मानने से भी ग्रामीणों ने इनकार कर दिया।

अपराध और कार्रवाई का विवरण :

  • मुख्य आरोपी : दयाराम चौहान, रामप्रसाद सारथी, परखित उरांव, बलराम उरांव, प्रमोद उरांव, और कुमार उरांव।
  • घटना स्थल : कक्ष क्र. 1348 पी.एफ. ग्राम बिच्छीनारा, थाना घरघोड़ा से करीब 17 किमी पूर्व।
  • पुलिस कार्रवाई : घरघोड़ा पुलिस ने 18 अप्रैल 2026 को FIR दर्ज की है।
  • लगाई गई धाराएं (भारतीय न्याय संहिता, 2023) :
    • धारा 132 : लोक सेवक को कर्तव्य निर्वहन से रोकने के लिए हमला।
    • धारा 221 : लोक सेवक के कार्य में बाधा डालना।
    • धारा 191(1) व 191(2) : दंगा और घातक हथियारों का प्रयोग।
    • धारा 296 : अश्लील गाली-गलौज।
    • धारा 351(3) : जान से मारने की धमकी देना।

प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती – इस घटना ने वनांचल क्षेत्रों में तैनात कर्मचारियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने सहायक उपनिरीक्षक खेमराज पटेल के नेतृत्व में मामले की जांच शुरू कर दी है। अतिक्रमणकारियों द्वारा पोकलेन मशीन का उपयोग करना यह दर्शाता है कि यह हमला सुनियोजित था। अब देखना यह है कि पुलिस इन आरोपियों की गिरफ्तारी कब तक कर पाती है।

नोट : जंगल की जमीन पर किसी भी प्रकार का कब्जा कानूनी अपराध है। शासन द्वारा अधिग्रहित जमीनों के बदले विस्थापन की अपनी प्रक्रिया होती है, लेकिन कानून को हाथ में लेना भारी पड़ सकता है।

Admin : RM24

Investigative Journalist & RTI Activist

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