खाकी का रसूख या गुंडागर्दी? स्वास्थ्य मंत्री के ‘रिश्तेदार’ को ASI ने जड़े 20 थप्पड़; SSP ने किया सस्पेंड, FIR दर्ज…

बिलासपुर। न्यायधानी में पुलिस की बर्बरता का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। रतनपुर थाने में अपने केस की अपडेट लेने पहुंचे एक युवक की ASI ने न केवल बेरहमी से पिटाई की, बल्कि उसे ‘नेतागिरी’ भूल जाने की धमकी भी दे डाली। मामला हाई-प्रोफाइल इसलिए हो गया क्योंकि पीड़ित खुद को छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल का करीबी और रिश्तेदार बता रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए SSP रजनेश सिंह ने आरोपी ASI को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर उसके खिलाफ FIR दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
“तेरी नेतागिरी निकाल दूंगा…” और बरस पड़े थप्पड़ : घटना 12 अप्रैल की है। रतनपुर के बनियापारा निवासी विनोद जायसवाल दोपहर करीब 2:30 बजे थाने पहुंचे थे। उनका कसूर सिर्फ इतना था कि उन्होंने अपने एक पुराने केस की जांच रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने का आग्रह किया। आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात ASI दिनेश तिवारी इस बात पर इस कदर उखड़े कि उन्होंने आव देखा न ताव और विनोद पर थप्पड़ों की बरसात कर दी।
- बर्बरता : पीड़ित का आरोप है कि ASI ने उसे 15 से 20 थप्पड़ मारे।
- धमकी : मारपीट के दौरान ASI चिल्ला रहा था- “तू बड़ा नेता बनता है, तेरी सारी नेतागिरी निकाल दूंगा, तुझे जेल भेज दूंगा।”
- वसूली का आरोप : चर्चा है कि जांच रिपोर्ट कोर्ट भेजने के बदले ASI द्वारा पैसों की मांग भी की गई थी।
बहरा हुआ कान, सिर में उठा दर्द : ASI की पिटाई इतनी खौफनाक थी कि पीड़ित विनोद जायसवाल की कनपटी और कान सुन्न पड़ गए हैं। उन्हें सुनाई देने में दिक्कत हो रही है और लगातार सिरदर्द की शिकायत है। थाने में मौजूद अन्य स्टाफ के सामने हुई इस गुंडागर्दी ने पुलिस की छवि पर गहरा दाग लगा दिया है।
एक्शन मोड में एसएसपी : सस्पेंशन और FIR – जब यह मामला ट्रेनी IPS अंशिका जैन के संज्ञान में आया और पीड़ित ने SSP रजनेश सिंह से न्याय की गुहार लगाई, तो विभाग में हड़कंप मच गया।
- निलंबन : SSP ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ASI दिनेश तिवारी को सस्पेंड कर दिया।
- मुकदमा : आरोपी ASI के खिलाफ (गाली-गलौज, मारपीट और धमकी) मामला दर्ज कर लिया गया है।
- जांच : पूरे प्रकरण की सूक्ष्म विवेचना के आदेश दिए गए हैं।
मंत्री से कनेक्शन ने बढ़ाई चर्चा – पीड़ित विनोद जायसवाल इलाके के रसूखदार व्यक्ति माने जाते हैं। पहले वे कोयला कारोबार से जुड़े थे और वर्तमान में उन्हें स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल का करीबी और रिश्तेदार बताया जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा तेज है कि जब ‘मंत्री के करीबियों’ के साथ पुलिस का यह बर्ताव है, तो आम जनता का क्या हाल होता होगा?
अंतिम राय : रक्षक जब भक्षक बन जाए तो कानून का इकबाल खत्म होने लगता है। SSP की इस त्वरित कार्रवाई ने यह संदेश तो दिया है कि वर्दी की आड़ में गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी, लेकिन सवाल अब भी वही है- क्या थाने पहुंचने वाले हर फरियादी को न्याय के बदले थप्पड़ ही मिलेंगे?




