खौफनाक : पत्नी ने ही रची पति की हत्या की साजिश, मायके वालों के साथ मिलकर उतारा मौत के घाट; जशपुर पुलिस ने 4 महिलाओं समेत 5 को भेजा जेल…

जशपुर। जिले के नारायणपुर थाना क्षेत्र से रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है। जहाँ एक पत्नी ने अपने ही सुहाग को मौत की नींद सुला दिया। प्रेम विवाह के महज 6 महीने बाद ही रिश्तों का ऐसा खूनी अंत होगा, किसी ने सोचा न था। पुलिस ने इस अंधी हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए मृतक की पत्नी, उसकी बहनों और जीजा समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
क्या है पूरा मामला? – मामला ग्राम प्रेमनगर केराडीह का है। जानकारी के अनुसार, मृतक सुनील राम करीब 6 माह पहले कांसाबेल क्षेत्र की मीरा बाई को प्रेम संबंध के चलते भगाकर लाया था और पत्नी बनाकर साथ रख रहा था। लेकिन यह प्रेम कहानी जल्द ही नफरत में बदल गई। 1 मार्च 2026 को मीरा बाई ने अपने मायके वालों को बुलाया और मामूली विवाद के बाद सबने मिलकर सुनील की बेरहमी से पिटाई कर दी।
तड़प-तड़प कर निकली जान – मृतक की मां पार्वती बाई ने बताया कि मारपीट के बाद आरोपी पत्नी अपने रिश्तेदारों के साथ चली गई। दो दिनों तक सुनील दर्द से कराहता रहा। 3 मार्च की शाम उसने अपनी मां से शरीर में तेज दर्द और प्यास लगने की बात कही। मां ने उसे पानी पिलाया और हाथ-पैर सहलाने की कोशिश की, लेकिन चोट इतनी गहरी थी कि सुनील ने मां की गोद में ही दम तोड़ दिया।
शॉर्ट PM रिपोर्ट से खुला राज – शुरुआत में मामला संदिग्ध था, लेकिन पुलिस ने जब शव का पोस्टमार्टम कराया तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। डॉक्टर की रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि सुनील की मृत्यु शरीर के अंदरूनी हिस्सों में आई गंभीर चोटों के कारण हुई है, जो कि पूरी तरह हत्यात्मक है। इसके बाद पुलिस ने बीएनएस की धारा 103(1) और 190 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जेल भेजे गए आरोपी – नारायणपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घेराबंदी की और हत्या में शामिल सभी 5 आरोपियों को दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं:
- मीरा बाई (20 वर्ष) – मृतक की पत्नी (मुख्य साजिशकर्ता)
- मुनिया बाई (38 वर्ष) – निवासी ढेंगुर जोर
- मीना बाई (22 वर्ष) – निवासी सराई टोली
- पुष्पा बाई (35 वर्ष) – निवासी टांगर बहरी
- शंकर राम (32 वर्ष) – निवासी टांगर बहरी (जीजा)
पुलिस टीम की मुस्तैदी -इस अंधे कत्ल को सुलझाने में उप निरीक्षक विवेक भगत, संतोष तिवारी, सहायक उप निरीक्षक उमेश प्रभाकर और उनकी टीम की अहम भूमिका रही। पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।




