31 वर्षों के सेवा सफर का भावुक समापन : रायगढ़ पुलिस कार्यालय की मुख्य लिपिक मनोरमा बोहिदार को दी गई गरिमामय विदाई…

रायगढ़। पुलिस विभाग में कर्तव्यनिष्ठा और अनुशासन की मिसाल पेश करने वाली श्रीमती मनोरमा बोहिदार आज अपने 31 वर्षों के सुदीर्घ सेवा काल के बाद सेवानिवृत्त हो गईं। रायगढ़ पुलिस कार्यालय में आयोजित एक विशेष सम्मान समारोह में उन्हें अश्रुपूर्ण और गरिमापूर्ण विदाई दी गई।
सफर: 1995 से 2026 तक की समर्पित सेवा : श्रीमती बोहिदार ने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1995 में सहायक उप निरीक्षक (एम) के रूप में की थी। अपनी प्रशासनिक कुशलता के बल पर वे निरंतर आगे बढ़ती रहीं :
- 2013: उप निरीक्षक (एम) के पद पर पदोन्नति।
- 2013-2018: 6वीं बटालियन में सराहनीय सेवाएं।
- 2018-2026: पुलिस कार्यालय रायगढ़ में विभिन्न शाखाओं का संचालन और प्रभारी मुख्य लिपिक की जिम्मेदारी।
प्रशासनिक दक्षता की पहचान : अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने आवक-जावक, शिकायत, अवकाश और एसआरसी जैसी जटिल शाखाओं को बखूबी संभाला। विशेष रूप से पेंशन प्रकरणों के त्वरित निराकरण में उनकी भूमिका अनुकरणीय रही, जिससे सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को समय पर लाभ मिल सका। उनकी कार्यप्रणाली से न केवल उच्चाधिकारी संतुष्ट रहे, बल्कि वे अधीनस्थों के लिए मार्गदर्शक भी बनी रहीं।
वरिष्ठ अधिकारियों ने दी शुभकामनाएं : कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने श्रीमती बोहिदार के योगदान की सराहना करते हुए कहा:
”श्रीमती मनोरमा जी का विभाग के प्रति समर्पण और उनकी कार्यकुशलता आने वाले कर्मचारियों के लिए प्रेरणा है। हम उनके सुखद और स्वस्थ भविष्य की कामना करते हैं।”
सम्मान और स्मृतियां : विदाई समारोह में पुलिस कार्यालय के साथ-साथ एडीपीओ कार्यालय और 6वीं बटालियन के स्टाफ ने भी हिस्सा लिया। सहकर्मियों ने उनके मिलनसार व्यक्तित्व को याद करते हुए उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किए। इस भावुक क्षण पर श्रीमती बोहिदार ने सभी अधिकारियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
उपस्थित गणमान्य : कार्यक्रम में उप पुलिस अधीक्षक श्री सुशांतो बनर्जी, आरआई श्री अमित सिंह, मुख्य लिपिक श्री त्रिलोचन मालाकार, वरिष्ठ स्टेनो श्री अशोक देवांगन सहित समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। श्रीमती बोहिदार अब अपने परिवार (पुत्र अभिषेक, पुत्रवधू सरिता और पोते-पोतियों) के साथ जीवन की नई पारी की शुरुआत करेंगी।




