रायगढ़ में सड़कों की गुणवत्ता पर ‘हंटर’ : मुख्य अभियंता का औचक निरीक्षण, लापरवाही पर इंजीनियर को नोटिस, 6 माह बढ़ी संधारण अवधि…

रायगढ़। पीएमजीएसवाई (PMGSY) की सड़कों में अब ‘चलता है’ वाला रवैया नहीं चलेगा। राज्य शासन की जीरो टॉलरेंस नीति का असर अब जमीनी स्तर पर दिखने लगा है। मुख्य अभियंता श्री हरिओम शर्मा ने रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ ब्लॉक में निर्माणाधीन और संधारित सड़कों का धुआंधार निरीक्षण कर लापरवाह अधिकारियों और ठेकेदारों को कड़ा संदेश दिया है।
अमृतपुर सड़क में मिली खामियां, गिरी गाज : निरीक्षण के दौरान धरमजयगढ़-कापु रोड से अमृतपुर तक की 4.11 किमी सड़क के संधारण (Maintenance) कार्य में गंभीर कमियां पाई गईं। मुख्य अभियंता ने मौके पर ही कड़ा रुख अपनाते हुए:
- संबंधित उप अभियंता (Sub-Engineer) को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
- सड़क की संधारण अवधि को 6 माह और बढ़ाने का दंड अधिरोपित किया।
“ग्रामीण सड़कों की गुणवत्ता सीधे लोगों के जीवन स्तर, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी है। तकनीकी मापदंडों से समझौता करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।”
श्री हरिओम शर्मा, मुख्य अभियंता एवं राज्य गुणवत्ता समन्वयक
इन सड़कों की हुई ‘सर्जिकल’ जांच : मुख्य अभियंता ने केवल कागजों पर नहीं, बल्कि मौके पर जाकर डामर की मोटाई और तकनीकी मानकों को परखा। उनके रडार पर ये सड़कें रहीं:
- नकना से डुमरपारा (2.00 किमी) : जनमन योजना के तहत बन रही यह सड़क मानकों पर खरी उतरी।
- लक्ष्मीपुर से बलपेंदा (13.00 किमी) : संधारण कार्यों का बारीकी से निरीक्षण।
- रनपुर से गोहेसिलार (7.35 किमी) : कार्य की गुणवत्ता की जांच की गई।
- टोनईनारा एवं चिखलापानी मार्ग : तकनीकी स्पेसिफिकेशन का मिलान किया गया।
कलेक्टर और जिला प्रशासन का सख्त पहरा : जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि समय-सीमा और गुणवत्ता, इन दो पैमानों पर जो भी ठेकेदार फेल होगा, उस पर कड़ी कार्रवाई होगी। कार्यों की सतत निगरानी के लिए कार्यपालन अभियंता और सहायक अभियंताओं को फील्ड पर पसीना बहाने के निर्देश दिए गए हैं।




