रक्तदान कर लौट रहे युवक को काल ने घेरा: रायगढ़ में अज्ञात ट्रेलर ने सिर को कुचला, मौके पर ही दर्दनाक मौत…

रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में मानवता और क्रूर नियति का एक बेहद विचलित कर देने वाला मामला सामने आया है। एक युवक, जो दूसरों का जीवन बचाने के लिए रक्तदान कर लौट रहा था, खुद सड़क पर बेमौत मारा गया। पूंजीपथरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बीएस स्पंज प्लांट के पास एक अज्ञात भारी वाहन (संभवतः ट्रेलर) ने बाइक सवार युवक को अपनी चपेट में ले लिया। हादसा इतना वीभत्स था कि वाहन का पहिया युवक के सिर के ऊपर से गुजर गया, जिससे उसकी घटनास्थल पर ही शिरा विहीन पहचान रह गई।
परोपकार की राह बनी अंतिम सफर : मृतक की पहचान 32 वर्षीय सोनू चौहान (निवासी ग्राम कोकड़ीतराई) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, सोनू पिछले कुछ समय से गेरवानी और गौरमुड़ी के बीच स्थित एक आश्रम में रहकर सेवा कार्य कर रहा था। सोमवार को वह अपने एक साथी के साथ खरसिया गया था, ताकि किसी जरूरतमंद के लिए रक्तदान कर सके।
किस्मत का खेल देखिए, जिस खून को देकर वह किसी को नया जीवन देने गया था, वही खून कुछ घंटों बाद सड़क पर बह गया। रात को लौटते समय सोनू ने अपने साथी को सिंघल प्लांट के पास सुरक्षित छोड़ दिया और स्वयं आश्रम की ओर निकल पड़ा। इसी दौरान अज्ञात काल रूपी ट्रेलर ने उसे पीछे से रौंद दिया।
सड़क पर घंटों पड़ा रहा शव, चालक फरार : घटना के बाद आरोपी चालक अंधेरे का फायदा उठाकर वाहन समेत मौके से फरार हो गया। औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण भारी वाहनों की रेलमपेल के बीच ग्रामीणों ने सड़क पर एक लहूलुहान शव देखा, जिसकी सूचना तुरंत पूंजीपथरा पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब स्थिति देखी तो रूह कांप गई; युवक का सिर पूरी तरह कुचल चुका था।
पुलिस की कार्रवाई और सीसीटीवी की तलाश : पुलिस ने मंगलवार को जिला अस्पताल में पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
- FIR दर्ज : अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ धारा 304A (लापरवाही से मौत) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
- नाकेबंदी : पुलिस बीएस स्पंज प्लांट और आसपास के टोल व ढाबों पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों को खंगाल रही है ताकि कातिल वाहन की पहचान की जा सके।
- स्थानीय आक्रोश : ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग ‘डेथ जोन’ बनता जा रहा है। भारी वाहनों की अनियंत्रित रफ्तार और सड़क पर खराब रोशनी ने इस तरह की घटनाओं को आम बना दिया है।
सिस्टम पर उठते सवाल : सोनू चौहान की मौत ने न केवल एक परिवार को उजाड़ा है, बल्कि औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। एक युवक जो समाज सेवा में लगा था, वह सड़क पर चल रहे ‘यमराजों’ (अनियंत्रित ट्रेलरों) की भेंट चढ़ गया।




