छत्तीसगढ़ में ‘सिस्टम’ शर्मसार : गरियाबंद के बाद अब सूरजपुर के सरकारी रेस्ट हाउस में परोसा गया ‘अश्लील डांस’…

सूरजपुर। छत्तीसगढ़ में सरकारी तंत्र की गरिमा को तार-तार करने वाला एक और शर्मनाक मामला सामने आया है। गरियाबंद की घटना की आग अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि अब सूरजपुर जिले में वन विभाग के रेस्ट हाउस के भीतर अश्लील डांस का वीडियो वायरल होने से हड़कंप मच गया है।
सरकारी बंगला और ‘अय्याशी’ का अड्डा? – सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा यह वीडियो कुमेली वन विभाग के रेस्ट हाउस का बताया जा रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि जिस सरकारी परिसर का उपयोग जनहित और विभागीय कार्यों के लिए होना चाहिए, वहां नर्तकियों के साथ अश्लील ठुमके लगाए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह वीडियो कुछ दिन पुराना है, लेकिन वायरल होने के बाद इसने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
गरियाबंद में गिर चुकी है ‘गाज’ : गौरतलब है कि इसी तरह की लापरवाही गरियाबंद के मैनपुर क्षेत्र में भी देखी गई थी, जहाँ ‘ओपेरा’ की आड़ में फूहड़ता परोसी गई। उस मामले में प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए एसडीएम तुलसी दास मरकाम को पद से हटा दिया है और उन्हें ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी किया है। कलेक्टर के इस सख्त एक्शन ने स्पष्ट कर दिया है कि शासन की छवि धूमिल करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

जांच के घेरे में सूरजपुर का वन अमला : सूरजपुर मामले के सामने आने के बाद अब सबकी नजरें जिला प्रशासन और वन विभाग के उच्चाधिकारियों पर टिकी हैं:
- क्या रेस्ट हाउस में इस आयोजन की अनुमति थी?
- किस अधिकारी की शह पर सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग हुआ?
- क्या दोषियों पर भी गरियाबंद की तरह तत्काल गाज गिरेगी?
कलेक्टर का संदेश साफ़ है : “जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। अपर कलेक्टर के नेतृत्व में जांच समिति गठित कर दी गई है।”
संपादकीय दृष्टिकोण : मर्यादा का उल्लंघन कब तक? – एक तरफ सरकार पर्यटन और विकास की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग या उनकी नाक के नीचे हो रहे ऐसे आयोजन प्रशासन के अनुशासन की धज्जियां उड़ा रहे हैं। गरियाबंद के बाद सूरजपुर की यह घटना बताती है कि निचले स्तर पर मॉनिटरिंग का अभाव है।




