रायगढ़

रायगढ़ : किरोड़ीमलनगर में खूनी संघर्ष के बाद पुलिस का बड़ा एक्शन; 24 आरोपी भेजे गए जेल…

कोतरारोड़ पुलिस की सख्त कार्रवाई: दबिश देने गई टीम से भी उलझे युवक, शांति भंग करने वालों पर बीएनएसएस की गाज।…

रायगढ़ | औद्योगिक क्षेत्र किरोड़ीमलनगर में काम के विवाद को लेकर हुआ विवाद अब सलाखों के पीछे पहुँच गया है। कोतरारोड़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हत्या के प्रयास के 8 मुख्य आरोपियों के साथ-साथ पुलिस कार्रवाई में बाधा डालने और माहौल बिगाड़ने वाले 24 अन्य युवकों को भी जेल भेज दिया है।

विवाद की जड़ : जबरन काम का दबाव और मारपीट – ​मामले की शुरुआत 4 जनवरी को वार्ड क्रमांक 09 से हुई। गोविंद राम नेताम ने पुलिस को बताया कि गैलवे कंपनी के लिए बाहर से आए कुछ मजदूर उनके बेटे छवि नेताम पर साथ काम करने का दबाव बना रहे थे। छवि द्वारा मना करने पर आरोपियों ने हिंसक रुख अपनाते हुए उसके साथ गाली-गलौच और बेरहमी से मारपीट की।

​इस घटना पर पुलिस ने तत्काल संज्ञान लेते हुए बुधमन उरांव, मंगलदीप, मनोज, प्रकाश, अरुण, दीपक, कार्तिक और अशोक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109(1) (हत्या का प्रयास) के तहत मामला दर्ज किया।

पुलिस टीम पर भी दिखाई हेकड़ी, 24 पर गिरी गाज – 5 जनवरी को जब थाना प्रभारी निरीक्षक मोहन भारद्वाज अपनी टीम के साथ आरोपियों को पकड़ने दबिश देने पहुंचे, तो वहां मौजूद अन्य मजदूर युवक पुलिस के सामने ही प्रार्थी और उसके बेटों से उलझ गए। पुलिस की समझाइश को अनसुना कर युवक मारपीट पर उतारू हो गए और कानून-व्यवस्था को चुनौती देने लगे।

“कानून हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। क्षेत्र में शांति भंग करने की कोशिश करने वालों पर पुलिस की पैनी नजर है।”

कोतरारोड़ पुलिस प्रशासन

बड़ी कार्रवाई : एक साथ 24 अनावेदक गिरफ्तार – बिगड़ते हालात को देखते हुए पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया। मुख्य 8 आरोपियों के अलावा मौके पर हंगामा कर रहे 24 अन्य युवकों को धारा 170 बीएनएसएस (BNSS) के तहत गिरफ्तार किया गया। इन सभी के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक धाराएं 126 एवं 135(3) भी लगाई गईं। एसडीएम न्यायालय में पेशी के बाद सभी 24 को जेल वारंट पर जेल दाखिल कर दिया गया है।

पुलिस की सक्रियता से इलाके में शांति – इस पूरी कार्रवाई में निरीक्षक मोहन भारद्वाज, प्रधान आरक्षक बाबूलाल पटेल, करुणेश राय, राजकुमार पैंकरा और शंभू खैरवार की टीम ने तत्परता दिखाई। पुलिस ने साफ संदेश दिया है कि दूसरे प्रांत से आए हों या स्थानीय, कानून से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को छोड़ा नहीं जाएगा।

Ambika Sao

सह-संपादक : छत्तीसगढ़

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