रायगढ़

लैलूंगा : सोहनपुर में अवैध डंपिंग का भंडाफोड़; पुलिस ने दिखाई सख्ती, पर्यावरण विभाग को सौंपी रिपोर्ट…

रायगढ़। औद्योगिक कचरे के अवैध निपटान और पर्यावरण से खिलवाड़ करने वाले तत्वों के विरुद्ध रायगढ़ पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल के कड़े निर्देश पर लैलूंगा पुलिस ने ग्राम सोहनपुर में दबिश देकर अवैध रूप से फ्लाई ऐश (राख) डंप करते हुए 9 भारी वाहनों को रंगे हाथों पकड़ा है। जब्त किए गए वाहनों और उनमें लदी सामग्री की कुल कीमत लगभग 6 करोड़ रुपये आंकी गई है।

गुप्त सूचना पर पुलिस की सर्जिकल स्ट्राइक – लैलूंगा थाना प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी कि ग्राम सोहनपुर के खाली क्षेत्रों में कुछ रसूखदारों द्वारा विभिन्न प्लांटों से निकलने वाली फ्लाई ऐश को बिना किसी वैधानिक अनुमति के डंप किया जा रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी ने तत्काल आला अधिकारियों को अवगत कराया।

​अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश मरकाम और एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने जब सोहनपुर में योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी की, तो वहां अफरा-तफरी मच गई। मौके पर 7 हाइवा और 2 ट्रेलर वाहन धड़ल्ले से फ्लाई ऐश अनलोड कर रहे थे।

कागजात मांगने पर उड़े होश, मौके पर जब्ती – पुलिस ने जब मौके पर मौजूद वाहन चालकों से फ्लाई ऐश के परिवहन, डंपिंग परमिट और संबंधित प्लांट के आधिकारिक दस्तावेज मांगे, तो चालक कोई भी वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके। जांच में पाया गया कि नियमों को ताक पर रखकर, पर्यावरण मानकों की अनदेखी करते हुए खुले आसमान के नीचे राख फेंकी जा रही थी, जिससे उड़ने वाली धूल ग्रामीणों के स्वास्थ्य और कृषि भूमि के लिए गंभीर खतरा बन रही थी।

कड़ी कानूनी कार्रवाई : 6 करोड़ की संपत्ति सीज – मामले की गंभीरता और सार्वजनिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए, पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 106 के तहत कार्रवाई करते हुए सभी 9 वाहनों को मौके पर ही जब्त कर लिया। पुलिस के अनुसार:

  • जब्त वाहन : 07 हाइवा और 02 ट्रेलर।
  • अनुमानित मूल्यांकन : वाहनों और लोड फ्लाई ऐश की कुल कीमत करीब 6 करोड़ रुपये है।

पर्यावरण विभाग की रडार पर प्लांट प्रबंधन – लैलूंगा पुलिस ने इस पूरे प्रकरण की विस्तृत रिपोर्ट पर्यावरण संरक्षण मंडल (Environment Department) को प्रेषित कर दी है। अब जांच इस बिंदु पर टिकी है कि यह फ्लाई ऐश किस प्लांट से निकाली गई थी और किन ठेकेदारों को इसके सुरक्षित निपटान की जिम्मेदारी दी गई थी। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में संबंधित प्लांट प्रबंधन पर भारी जुर्माना और कानूनी शिकंजा कस सकता है।

“पर्यावरण और जन-स्वास्थ्य से खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अवैध डंपिंग के खिलाफ यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।”

पुलिस प्रशासन, जिला रायगढ़

Ambika Sao

सह-संपादक : छत्तीसगढ़

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